माकपा ने एनसीआर में आंदोलनकारी श्रमिकों के ‘दमन’ की निंदा की

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माकपा ने एनसीआर में आंदोलनकारी श्रमिकों के 'दमन' की निंदा की

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  • Publish Date - April 14, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - April 14, 2026 / 10:35 PM IST

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने दिल्ली-एनसीआर औद्योगिक क्षेत्र में आंदोलनकारी श्रमिकों के ‘क्रूर दमन’ की मंगलवार को निंदा की और आरोप लगाया कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकारों ने श्रमिकों की मांगों को पूरा करने के बजाय बल प्रयोग किया।

एक बयान में पार्टी ने कहा, ‘श्रमिक वेतन वृद्धि और वैधानिक लाभों के कार्यान्वयन के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनकी जायज मांगों को पूरा करने के बजाय, दोनों सरकारों ने श्रमिकों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया और श्रमिक नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए।’’

माकपा ने विरोध प्रदर्शनों को बदनाम करने के प्रयासों की आलोचना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने ‘बेशर्मी से यह संकेत दिया है कि प्रदर्शनकारी बाहरी ताकतों द्वारा उकसाए जा रहे हैं और मजदूर नेताओं को साजिशकर्ता करार दिया है।’

पुलिस कार्रवाई तेज होने का आरोप लगाते हुए बयान में कहा गया, ‘अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि पुलिस गांवों में छापे मार रही है, मजदूरों की अंधाधुंध पिटाई कर रही है और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर रही है। गिरफ्तार मजदूरों के बारे में उनके परिवारों को जानकारी नहीं दी जा रही है।’

माकपा ने कहा कि यह अशांति एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाती है। पार्टी ने कहा, ‘पिछले ढाई महीनों में, देश के कई हिस्सों में, विशेष रूप से उत्तर भारत में, श्रमिकों ने अमानवीय कार्य, स्थिर वेतन, बुनियादी श्रम अधिकारों से वंचित होने और श्रम विभागों के संवेदनहीन, प्रबंधन-समर्थक रवैये के खिलाफ स्वतःस्फूर्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया है।’

श्रमिकों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए पार्टी ने कहा कि वह ‘उनकी तत्काल रिहाई और उनके खिलाफ दायर सभी मामलों को बिना शर्त वापस लेने की मांग करती है।’

पार्टी ने पुलिस और संबंधित राज्य सरकारों से सभी ‘दमनकारी’ उपायों को समाप्त करने और श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के माध्यम से उनकी वैध मांगों पर गौर करने का आह्वान किया।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश