नटेसन के किसी भी अल्पसंख्यक विरोधी रुख का समर्थन नहीं करती माकपा: गोविंदन

नटेसन के किसी भी अल्पसंख्यक विरोधी रुख का समर्थन नहीं करती माकपा: गोविंदन

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  • Publish Date - January 2, 2026 / 01:08 PM IST,
    Updated On - January 2, 2026 / 01:08 PM IST

कोच्चि, दो जनवरी (भाषा) केरल की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सचिव एम. वी. गोविंदन ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी श्री नारायण धर्म परिपालन (एसएनडीपी) योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन के किसी भी अल्पसंख्यक विरोधी रुख का समर्थन नहीं करती और वह इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुकी है।

अल्पसंख्यक समुदाय, ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ और मलप्पुरम जिले को लेकर नटेसन की हालिया टिप्पणियों पर पूछे गए सवालों के जवाब में गोविंदन ने कहा कि नटेसन माकपा की किसी भी शाखा या स्थानीय समिति के सदस्य नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘नटेसन एक सामुदायिक संगठन के नेता हैं। वह अक्सर सामाजिक, सांप्रदायिक और लोकतांत्रिक मुद्दों पर प्रतिक्रियाएं देते रहते हैं। पार्टी उन्हीं प्रतिक्रियाओं का समर्थन करती है जो व्यावहारिक और लोकतांत्रिक हैं।’’

हालांकि, गोविंदन ने स्पष्ट किया कि नटेसन की हालिया टिप्पणियां पार्टी को स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ जो स्वीकार्य है, उसे स्वीकार किया जाएगा और जिसे अस्वीकार किया जाना चाहिए, उसे अस्वीकार किया जाएगा।’’

मलप्पुरम जैसे मुस्लिम बहुल जिले में एसएनडीपी को शिक्षण संस्थान शुरू करने में आ रही कथित कठिनाइयों संबंधी नटेसन की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए गोविंदन ने कहा कि ऐसे मामलों को पार्टी नहीं, बल्कि सरकार को देखना चाहिए।

जब उनसे पूछा गया कि क्या नटेसन के साथ माकपा की नजदीकी अब बोझ बन गई है तो गोविंदन ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि मलप्पुरम जिले के गठन के आंदोलन में माकपा सबसे आगे रही है।

गोविंदन ने कहा, ‘‘ यदि कोई इस तरह के बयान देता है तो हम उसका समर्थन नहीं करेंगे। मुस्लिम विरोधी रुख हमारा रुख नहीं है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या नटेसन की टिप्पणियां उन्हें सांप्रदायिक व्यक्ति जैसा दिखाती है, गोविंदन ने पलटकर सवाल किया कि क्या एक बयान के आधार पर किसी व्यक्ति को सांप्रदायिक ठहराया जा सकता है।

गोविंदन ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की कांग्रेस पर की गई हालिया टिप्पणी को भी दोहराते हुए कहा कि विपक्षी दल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शबरिमला सोना चोरी मामले के दो आरोपी केरल के कुछ नेताओं के साथ सोनिया गांधी से कैसे मिले।

उन्होंने कहा, ‘‘माना जाता है कि वे लोग वहां कई बार गए थे।’’

उन्होंने कहा कि माकपा का यह रुख कायम है कि शबरिमला सोना चोरी मामले की जांच केरल उच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल द्वारा की जानी चाहिए और यह उच्च न्यायालय को तय करना है कि जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए या नहीं।

भाषा खारी शोभना

शोभना