अलग मंत्रालय बनने से भारत के सहकारी आंदोलन को नई गति मिली: अमित शाह

अलग मंत्रालय बनने से भारत के सहकारी आंदोलन को नई गति मिली: अमित शाह

अलग मंत्रालय बनने से भारत के सहकारी आंदोलन को नई गति मिली: अमित शाह
Modified Date: July 29, 2026 / 12:26 am IST
Published Date: July 29, 2026 12:26 am IST

जामनगर, 28 जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सहकारिता क्षेत्र के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने के बाद देश के सहकारी आंदोलन को नयी ऊर्जा और गति मिली है।

शाह ने जामनगर जिला सहकारी बैंक के नये मुख्यालय ‘सहकार भवन’ का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन करने के बाद यह टिप्पणी की। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे।

शाह ने कहा कि सहकारी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधुनिकीकरण जरूरी है और यह प्रक्रिया सहकारी संस्थाओं के मुख्यालय और कामकाज को आधुनिक बनाने से शुरू होती है।

सहकारिता मंत्रालय का भी प्रभार संभालने वाले शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने एक अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया और देश के सहकारी आंदोलन में नयी ऊर्जा एवं गति का संचार किया।”

उन्होंने कहा, “दो लाख से अधिक नयी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना, पैक्स के साथ 20 से अधिक नये व्यावसायिक कार्यों को जोड़ने, सहकारी संस्थाओं की ऑडिट व्यवस्था को ऑनलाइन करने और विभिन्न सहकारी संस्थाओं को आपस में जोड़ने जैसे कदम आने वाले वर्षों में किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

केंद्र सरकार ने 2021 में एक अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया था। यह मंत्रालय देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करता है।

भाषा पारुल सुरभि

सुरभि


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