नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह ‘क्राउडफंडिंग’ के माध्यम से एकत्रित धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता साकेत गोखले की जमानत याचिका पर 13 मार्च को विचार करेगा।
न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि उसने मामले की फाइल को अभी पढ़ा नहीं है।
पीठ ने कहा, ”(होली की) छुट्टी के तुरंत बाद यह मामला हमारे पास आएगा। यह फाइल देर रात आई, हमने फाइल देखी नहीं है। हम न्यायालय के (अवकाश के बाद) फिर से खुलने के बाद इस मामले पर विचार करेंगे।”
गोखले की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने हमेशा कहा है कि उसने ‘क्राउडफंडिंग’ से पैसा इकट्ठा किया है।
‘क्राउडफंडिंग’ में किसी आवश्यक कार्य के लिए लोगों से पैसे एकत्र किए जाते हैं और लोगों को भी पता होता है कि वह किस कार्य के लिए यह दान दे रहे हैं।
सिंघवी ने कहा कि यह जमानत नामंजूर करने लायक मामला नहीं है।
शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख मुकर्रर की।
गुजरात उच्च न्यायालय ने 23 जनवरी को गोखले को जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि आरोप-पत्र दायर होने के बाद ही वह अदालत का रुख करें।
गोखले को अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा ने 30 दिसंबर, 2022 को ‘क्राउडफंडिंग’ के माध्यम से एकत्र किये गये धन के कथित दुरुपयोग के मामले में दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 467 (जालसाजी) के तहत आरोप लगे हैं।
भाषा सुरेश मनीषा
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