भाजपा की राजनीति का आधार हैं करेंसी नोट : हेमंत सोरेन

भाजपा की राजनीति का आधार हैं करेंसी नोट : हेमंत सोरेन

भाजपा की राजनीति का आधार हैं करेंसी नोट : हेमंत सोरेन
Modified Date: August 11, 2026 / 09:15 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:15 pm IST

रांची, 11 अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि विधानसभा के अंदर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों द्वारा लहराए गए करेंसी नोट ही उनके अस्तित्व का आधार हैं।

सोरेन की यह टिप्पणी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच आई है। भाजपा विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले से जोड़ने के प्रयास में करेंसी नोटों की गड्डियां लहराई थीं।

सोरेन ने आरोप लगाया, ‘‘हमने विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसमें बाधा डाली। भाजपा विधायकों ने विधानसभा के अंदर करेंसी नोट लहराए, लेकिन वही नोट उनके अस्तित्व और उनकी राजनीति का आधार हैं। आप सभी जानते हैं कि गरीबों, जरूरतमंदों और युवाओं की जेब से किस तरह पैसा निकाला जा रहा है।’’

विधानसभा की कार्यवाही 12 अगस्त के निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद सोरेन ने सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।

सोरेन ने आरोप लगाया, ‘‘केंद्र की नीतियों के कारण छात्रों को नौकरी गंवानी पड़ रही है और छोटे, मध्यम और बड़े प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा की पिछली सरकारों के दौरान झारखंड में अन्य राज्यों के लोगों को रोजगार मिला, जबकि अब चयनित उम्मीदवारों में से 75-100 प्रतिशत स्थानीय लोग हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘स्थिति ऐसी हो गई है कि उनके (भाजपा) लिए सच्चाई का सामना करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसी पीड़ा का असर है कि आज सदन की कार्यवाही समय से पहले स्थगित कर दी गई या कम से कम मुझे तो ऐसा ही लगा।’’

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने भाजपा पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को गुमराह करने और उन्हें ‘‘राजनीतिक हथियार’’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदर्शनकारियों की अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली हैं और भर्ती परीक्षा प्रणाली में आगे भी सुधार करने के लिए तैयार है।

सोरेन ने कहा, ‘‘भाजपा ने परजीवी की तरह कल युवाओं के आंदोलन को अपने राजनीतिक मंच में बदलने की कोशिश की। छात्रों से जुड़े मुद्दों पर छात्रों के साथ ही चर्चा की जाएगी और झारखंड के मेरे युवा साथियों को निश्चित रूप से न्याय मिलेगा।’’

सोरेन ने कहा, ‘‘वे आंदोलनकारियों का मुखौटा पहनकर छात्रों को गुमराह कर रहे हैं। हम इस मुखौटे को परत-दर-परत बेनकाब करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने का सरकार का इरादा स्पष्ट है।’’

सोरेन ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का आश्वासन दिया है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई, जब सोमवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर भाजपा विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान डाला।

सोरेन के संबोधन के दौरान सी. पी. सिंह समेत भाजपा विधायकों ने कथित तौर पर सदन में नोट लहराते हुए दावा किया कि ‘‘यहां पैसे देकर नौकरियां खरीदी जा सकती हैं।’’

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा, ‘‘इन व्यापारिक समुदाय से जुड़े लोगों की जेबों में नोटों की गड्डियां भरी पड़ी हैं। वे नोटों की गड्डियों के दम पर लोकतंत्र को खरीदने की कोशिश करते हैं। उन्होंने मंदिरों को भी नहीं छोड़ा।’’

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में नोट लहराने पर आपत्ति जताई और इसे ‘‘संसदीय व्यवस्था के खिलाफ’’ बताया। सोरेन के संक्षिप्त संबोधन के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। सदन का सत्र 12 अगस्त को समाप्त होना निर्धारित था, लेकिन एक दिन पहले ही इसकी कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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