पंजाब में हिरासत में प्रताड़ना का मामला: राहुल ने सिख युवक से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया

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पंजाब में हिरासत में प्रताड़ना का मामला: राहुल ने सिख युवक से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया

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  • Publish Date - September 5, 2026 / 09:17 PM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 09:17 PM IST

चंडीगढ़, पांच सितंबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को उस सिख युवक से फोन पर बात की जिसे संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम स्थल के पास काला झंडा लहराने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और फिर कथित तौर पर उसे प्रताड़ित किया था। राहुल गांधी ने युवक को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने संगरूर के एक अस्पताल में युवक मोहनजीत सिंह से मुलाकात की और राहुल गांधी से उसकी फोन पर बात कराई।

वडिंग ने पत्रकारों से कहा कि गांधी ने सच के लिए आवाज उठाने और अपनी बात रखने के लिए सिंह के साहस की सराहना की। उन्होंने पंजाब कांग्रेस को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सिंह को न्याय मिले।

संगरूर के शेरों गांव के रहने वाले सिंह ने आरोप लगाया कि दो सितंबर को मान के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम स्थल के पास एक मकान की छत से काला झंडा लहराने के कारण उसे सुनाम डिवीजन की पुलिस ने हिरासत में ले लिया और फिर प्रताड़ित किया।

उसने दावा किया कि वह मादक पदार्थों की समस्या पर अंकुश लगाने में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की कथित विफलता के खिलाफ नारे लगा रहा था।

वडिंग ने कहा कि सिंह के साथ एकजुटता जताने के लिए यूथ कांग्रेस और महिला कांग्रेस समेत राज्यभर के कांग्रेस कार्यकर्ता हर उस जगह मुख्यमंत्री मान को काले झंडे दिखाएंगे, जहां वह जाएंगे। वडिंग ने मान की तुलना अफगान शासक और आक्रमणकारी अहमद शाह अब्दाली से की।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मान ऐसे पहले मुख्यमंत्री नहीं हैं, जिन्हें काला झंडा दिखाया गया है। अतीत में कई मुख्यमंत्रियों और यहां तक कि प्रधानमंत्रियों को भी काले झंडे दिखाए जा चुके हैं, लेकिन किसी ने भी मान की तरह प्रतिक्रिया नहीं दी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को संयम और गरिमा का परिचय देते हुए सिंह को बुलाकर पूछना चाहिए था कि वह विरोध क्यों कर रहे हैं।

वडिंग ने आरोप लगाया कि इसके बजाय मान ने युवक के खिलाफ ‘बर्बर पुलिस की ताकत’ का इस्तेमाल किया और उसे पुलिस हिरासत में बेरहमी के साथ ‘थर्ड डिग्री’ की यातना दी गई, यहां तक कि बिजली के झटके भी दिए गए।

उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पुलिस बल में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

वडिंग ने कहा कि पार्टी के विधायक दल के नेता के साथ चर्चा के बाद कांग्रेस राज्यपाल से मुलाकात कर सकती है, ताकि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करके सिंह को न्याय दिलाया जा सके।

विपक्ष की बढ़ती आलोचना के बीच, पंजाब पुलिस ने एक डीएसपी का तबादला कर दिया और एक निरीक्षक समेत तीन अन्य अधिकारियों को लाइन हाजिर किया है।

भाषा

संतोष प्रशांत

प्रशांत