माथाभंगा (पश्चिम बंगाल), दो जून (भाषा) कूच बिहार जिले के माथाभंगा में कई लोगों को वह ‘‘कट मनी’’ वापस मिल गई है जो उन्होंने पिछली टीएमसी सरकार के दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए स्थानीय गुंडों को दी थी।
जिले के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व ने कहा कि पार्टी का ग्रामीणों या व्यापारियों से इस तरह की अवैध रूप से धन वसूली से कोई लेना-देना नहीं है।
राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद माथाभंगा के विभिन्न इलाकों में टीएमसी समर्थित स्थानीय दबंगों द्वारा कथित तौर पर ली गई ‘‘कट मनी’’ को वापस करने की मांग तेज हो गई। बताया जाता है कि दबाव बढ़ने पर संबंधित लोगों ने कुछ राशि लौटाई भी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, माथाभंगा के सुभाषपल्ली इलाके में आवास योजना के लाभार्थियों को उनसे लिया गया कमीशन वापस कर दिया गया है। भाजपा के एक स्थानीय नेता ने बताया, ‘‘सोमवार को पैसे वापस मिलने के बाद उनमें से कुछ ने स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की।’’
माथाभंगा उपमंडल के अंतर्गत पचगढ़ पंचायत के फकीरेरकुठी गांव में रविवार को कई लोगों को उनकी रकम नकद में वापस मिली।
ग्रामीणों और व्यापारियों का दावा है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद उन्हें आवास योजना के तहत लाभ पाने, जमीन या मकान की खरीद-बिक्री करने अथवा कारोबार चलाने के लिए स्थानीय दबंगों को ‘कट मनी’ देनी पड़ती थी।
स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र बर्मन ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को ‘कट मनी’ देने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाता था या फिर जमीन की खरीद-बिक्री करने से रोका जाता था।
उन्होंने कहा, ‘‘रविवार को ग्रामीणों को रकम का एक हिस्सा वापस कर दिया गया।’’
कूचबिहार जिले के माथाभंगा उपमंडल के घुघुमारी इलाके में रिक्शे पर लगे लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा की गई कि एक क्षेत्र के उन ग्रामीणों से आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन करने के बदले जो कमीशन लिया गया था, उसे चार जून को पंचायत सदस्य के आवास से वापस किया जाएगा।
भाषा आशीष पवनेश
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