India Nepal Border Dispute: सीमा विवाद में चीन की एंट्री चाह रहा था नेपाल! भारत ने दिया तगड़ा जवाब, कहा- नहीं है किसी तीसरे की जरूरत

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सीमा विवाद में चीन की एंट्री चाह रहा था नेपाल! भारत ने दिया तगड़ा जवाब, India Statement on Nepal Border Dispute

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 08:04 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 08:07 PM IST

नई दिल्ली। India Nepal Border Dispute: भारत ने नेपाल के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच लंबित सीमा संबंधी मामलों के समाधान में किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारत और नेपाल के बीच मौजूद द्विपक्षीय तंत्र इन मुद्दों के समाधान के लिए पर्याप्त हैं और बातचीत के जरिए सभी मामलों को सुलझाया जा रहा है।

India Nepal Border Dispute: दरअसल, मंगलवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेन शाह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने भारत-नेपाल सीमा विवाद के समाधान के लिए चीन और ब्रिटेन जैसे देशों की मध्यस्थता की आवश्यकता जताई थी। जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल सरकार और वहां के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयानों पर ध्यान दिया है, लेकिन सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान केवल द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से ही संभव है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और नेपाल के बीच लगभग 98 प्रतिशत सीमा का निर्धारण पहले ही किया जा चुका है। हालांकि कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में अभी भी विवाद बने हुए हैं, जिनका मुख्य कारण गंडक नदी के बहाव में समय-समय पर होने वाले बदलाव हैं। नदी के मार्ग परिवर्तन के चलते कुछ स्थानों पर सीमा निर्धारण से जुड़ी जटिलताएं उत्पन्न हुई हैं।

भारत ने दोहराई अपनी प्रतिबद्धता

प्रवक्ता ने बताया कि जिन क्षेत्रों में सीमा पहले से निर्धारित है, वहां भी कुछ स्थानों पर अतिक्रमण और नो मैन्स लैंड पर कब्जे जैसे मामले सामने आए हैं। इन समस्याओं की पहचान और समाधान के लिए दोनों देशों के अधिकारी संयुक्त रूप से सर्वेक्षण और मैपिंग का कार्य कर रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि सीमा संबंधी सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा और समाधान के लिए दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तरों पर संवाद की व्यवस्था मौजूद है। इन तंत्रों के माध्यम से नियमित बातचीत जारी है और कई मामलों में प्रगति भी हुई है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक संबंध बेहद मजबूत हैं तथा दोनों देश आपसी सहयोग और संवाद के जरिए सभी विवादित मुद्दों का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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