अहमदाबाद, एक जून (भाषा) गुजरात पुलिस ने वर्ष 2025 में शुरू किए गए राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल अकाउंट 1.0’ के तहत 2,289 करोड़ रुपये की साइबर ठगी किये जाने का खुलासा करके 638 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
‘म्यूल अकाउंट’ ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका उपयोग साइबर अपराधी धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने, स्थानांतरित करने और उसे वैध दिखाने (धन शोधन) के लिए करते हैं।
पुलिस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, गांधीनगर स्थित साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीसीओई) द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान 913 म्यूल अकाउंट का पता लगाया गया।
सीसीओई ने कहा, ‘‘सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भागीदारी वाले और प्रतिदिन निगरानी किए जा रहे इस अभियान के परिणामस्वरूप 638 आरोपियों के खिलाफ 565 प्राथमिकी दर्ज की गईं। करीब 2,289 करोड़ रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी का खुलासा हुआ तथा देशभर में कुल 4,052 अपराधों की पहचान की गई, जिनमें से 491 मामले गुजरात से संबंधित हैं।’’
विज्ञप्ति में कहा गया कि इस अभियान के कारण चेक और एटीएम के माध्यम से धन निकासी में उल्लेखनीय कमी आई है।
इसके अनुसार, मासिक चेक निकासी 126 करोड़ रुपये से घटकर 25 करोड़ रुपये रह गई, जो लगभग 80 प्रतिशत की कमी को दर्शाती है।
सीसीओई ने कहा, ‘‘इसके अलावा, अगस्त से दिसंबर 2025 तक प्रथम-स्तरीय लेन-देन खातों (यानी, वे खाते जिनमें पहले पैसा जमा किया जाता है) की संख्या में 30 प्रतिशत की कमी आई और सितंबर से दिसंबर 2025 तक एटीएम से निकासी में 66 प्रतिशत की कमी आई।’’
विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान को और अधिक प्रभावी तथा सक्रिय बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत भारतीय डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉरपोरेशन (आईडीपीआईसी) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ‘रिस्क स्कोरिंग सिस्टम’ लागू कर रहा है।
इसके तहत प्रत्येक लेनदेन को कम जोखिम, मध्यम जोखिम और उच्च जोखिम की श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा, ताकि संदिग्ध खातों की पहचान की जा सके और विभिन्न बैंक जोखिम स्तर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
विज्ञप्ति के मुताबिक आईडीपीआईसी को इसके लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है तथा विभिन्न बैंकों के बीच संदिग्ध खातों की जानकारी साझा करने के लिए ‘म्यूलहंटर.एआई’ नामक रजिस्ट्री भी बनाई गई है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर लगातार चिंता व्यक्त की है और नागरिकों से ‘डिजिटल अरेस्ट’ सहित विभिन्न साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहते हुए डिजिटल प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करने का आह्वान किया है।
इसमें कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार साइबर अपराध के खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रही है और गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में इस अभियान को और मजबूत किया गया है।’’
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