फर्जी यूपीआई भुगतान दिखाकर 30.81 लाख रुपये की साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार

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फर्जी यूपीआई भुगतान दिखाकर 30.81 लाख रुपये की साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 02:54 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 02:54 PM IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने फर्जी यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों से ठगी करने और बाद में उनके मोबाइल फोन चुराकर अनधिकृत वित्तीय लेनदेन करने के आरोप में 22 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि निखिल यादव को 20 अगस्त को दिल्ली के सदर बाजार में कपड़े की एक दुकान के मालिक से एक लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत की जांच के बाद गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, यादव छोटी दुकानों पर कम कीमत की खरीदारी करता था और दुकानदारों को फर्जी या डिजिटल भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर उन्हें यह विश्वास दिलाता था कि भुगतान हो चुका है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जब दुकानदार अपने बैंक खाते की जांच करता और पाता कि खाते में पैसे जमा नहीं हुए हैं, तो यादव भुगतान संबंधी समस्या दूर करने में मदद करने की पेशकश करता और पीड़ित के मोबाइल फोन तक पहुंच बनाने की कोशिश करता। यदि फोन उसे नहीं दिया जाता तो वह पीड़ित के मोबाइल या यूपीआई संबंधी जानकारी देखने या हासिल करने की कोशिश करता और बाद में फोन चोरी कर लेता या झपट लेता था।’’

पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर मोबाइल फोन और हासिल की गई जानकारी का इस्तेमाल बैंकिंग या यूपीआई ऐप के जरिए अनधिकृत लेनदेन करने में करता था। रकम ऐसे बैंक खातों में भेजी जाती थी, जिनका इस्तेमाल दूसरों की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था। कुछ मामलों में रकम एटीएम से निकाल ली जाती थी, ताकि पैसों का पता लगाना मुश्किल हो।

पुलिस ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में ठगी गई कुल रकम 30.81 लाख रुपये से अधिक है। मामले की जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, जांच शुरू होने का आधार 29 मार्च को सदर बाजार में कपड़े की दुकान के मालिक विष्णु कुमार गोयल की शिकायत थी।

पुलिस ने बताया कि यादव ने गोयल से कपड़े खरीदे और फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाया। जब दुकानदार को पता चला कि भुगतान नहीं हुआ है तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके मोबाइल फोन तक पहुंच बनाई और उसके बैंक खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए।

अधिकारी ने कहा, ‘‘साइबर नॉर्थ थाने में ई-प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान बैंकिंग एवं यूपीआई लेनदेन और दूरसंचार रिकॉर्ड के तकनीकी विश्लेषण से पुलिस मलकागंज की 27 वर्षीय शाहिना के नाम पर ऐसे बैंक खाते तक पहुंची, जिसका इस्तेमाल रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था। उसे पकड़ा गया और उसने बताया कि उसने रकम बुराड़ी निवासी 25 वर्षीय तरुण को भेजी थी।’’

इसके बाद तरुण को भी पकड़ लिया गया। उसने पुलिस को बताया कि रकम यादव को दी गई थी।

पुलिस ने कहा कि तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ यादव के बयानों का मिलान करने पर उसे दिल्ली और मुंबई में दर्ज सात अन्य मामलों से भी जोड़ा गया। इनमें दिल्ली के साइबर नॉर्थ वेस्ट, मॉडल टाउन, सराय रोहिल्ला, सब्जी मंडी और रूप नगर थानों तथा मुंबई के शिवड़ी और तारदेव थानों में दर्ज मामले शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘यादव ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और वह पहले भी दिल्ली तथा मुंबई में दर्ज चोरी और ठगी के आठ मामलों में आरोपी है। मामले की जांच जारी है।’’

भाषा शोभना अविनाश

अविनाश