डीडीए ने दिल्ली में भवन मंजूरी के लिए एआई-संचालित ‘एकल खिड़की प्रणाली’ शुरू की

डीडीए ने दिल्ली में भवन मंजूरी के लिए एआई-संचालित ‘एकल खिड़की प्रणाली’ शुरू की

डीडीए ने दिल्ली में भवन मंजूरी के लिए एआई-संचालित ‘एकल खिड़की प्रणाली’ शुरू की
Modified Date: May 12, 2026 / 07:02 pm IST
Published Date: May 12, 2026 7:02 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राष्ट्रीय राजधानी में भवन मंजूरी के लिए मंगलवार को कृत्रिम मेधा (एआई) संचालित ‘एकल खिड़की प्रणाली’ शुरू की, जिसका उद्देश्य पहले की प्रक्रिया से जुड़ी भ्रष्टाचार की शिकायतों और जनता को होने वाली परेशानियों को कम करना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह प्रणाली ‘ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम’ (ओबीपीएस) के तहत शुरू की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक, गृहस्वामी, आर्किटेक्ट और डेवलपर एकल एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भवन योजनाएं, दस्तावेज और विभिन्न प्रकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जमा कर सकेंगे।

डीडीए की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पहल दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य राजधानी में जीवन को सुगम और व्यवसाय करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

बयान में कहा गया है कि पहले की प्रक्रिया में अक्सर देरी होती थी, बार-बार दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ता था तथा भ्रष्टाचार के आरोप और उत्पीड़न जैसी समस्याएं सामने आती थीं, जिन्हें उपराज्यपाल ने गंभीरता से लेते हुए डीडीए को इस नयी प्रणाली को जल्द लागू करने का निर्देश दिया था।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म में एआई-आधारित योजना मूल्यांकन, स्वचालित अनुपालन जांच, जियो-टैग मोबाइल निरीक्षण और तत्काल एसएमएस एवं ईमेल नोटिफिकेशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।

बयान में कहा गया है कि आवेदक अब अपने आवेदन की स्थिति को वास्तविक समय में पता कर सकेंगे, ऑनलाइन शुल्क का भुगतान कर सकेंगे और डिजिटल हस्ताक्षरित मंजूरी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें बार-बार डीडीए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

यह पहल व्यापक तकनीक-आधारित शासन सुधारों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दिल्ली की शहरी योजना और विकास ढांचे को आधुनिक बनाना है।

अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल सचिवालय और डीडीए के वरिष्ठ अधिकारी इस नयी प्रणाली के कामकाज और प्रभावशीलता की समय-समय पर समीक्षा करेंगे।

भाषा सुरेश संतोष

संतोष


लेखक के बारे में