कोलकाता, सात सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के ‘‘वित्तीय कुप्रबंधन’’ ने पश्चिम बंगाल को ‘‘व्यावहारिक रूप से दिवालिया’’ कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य को इस वित्तीय संकट से बाहर निकलने में कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा।
बढ़ी हुई वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों को वितरित करने के बाद राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में शुभेंदु ने संवाददाताओं से कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनने के साथ ही राज्य सभी केंद्रीय योजनाओं से जुड़ गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘धन आ रहा है और भविष्य में भी आएगा।’’
वृद्धावस्था पेंशन प्रति लाभार्थी 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई है।
शुभेंदु ने कहा, ‘‘पूर्ववर्ती सरकारों के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण पश्चिम बंगाल की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है। राजस्व का नुकसान, चोरी और केंद्रीय योजनाओं में शामिल न होने के कारण राज्य व्यावहारिक रूप से दिवालिया हो गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अब भी खराब स्थिति में हैं और वित्तीय संकट से बाहर आने के लिए हमें कम से कम एक वर्ष लगेगा।’’
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के वित्तीय अनुशासन को रेखांकित करते हुए दावा किया कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस चालू वित्त वर्ष में राजकोष को लगभग 18 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम राजस्व के नुकसान को रोकने में सफल रहते हैं, तो राज्य की आय में और भी वृद्धि होगी।’’
भाषा खारी वैभव
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