दीपके ने डूसू चुनाव में धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया
दीपके ने डूसू चुनाव में धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया
(फाइल फोटो के साथ)
छत्रपति संभाजीनगर, 21 सितंबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके ने हाल में संपन्न दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव में धनबल की भूमिका होती है और उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रचार में शामिल लोग महंगी कारों में घूमते हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने शनिवार को डूसू चुनाव में केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पद पर जीत हासिल की। ये चुनाव हाल में कॉजपा के नेतृत्व में हुए ‘जेन जी’ प्रदर्शनों के बाद हुए हैं।
कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) केंद्रीय पैनल के किसी भी पद पर जीत हासिल नहीं कर सका जबकि अभाविप ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर जीत हासिल की।
डूसू चुनाव के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने रविवार शाम पत्रकारों से कहा, ‘‘चुनाव में सिर्फ पैसा ही काम करता है और कुछ नहीं। डीयू में चुनाव प्रचार करने वाले लोग ‘रोल्स रॉयस’ में आते हैं जिसकी कीमत करोड़ों रुपये होती है। वे ‘ऑडी’ और ‘बीएमडब्ल्यू’ में आते हैं। तो वहां पैसा काम करता है।’’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार खास विचारधारा वाले लोगों को बढ़ावा दे रही है। दीपके ने भी इसी तरह की चिंता जताई।
उन्होंने दावा कियाकहा, ‘‘अमरावती में मैंने देखा कि कुलपति कुमुद शर्मा (अमरावती के पास स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति) आरएसएस की विचारधारा से जुड़ी हैं। उनके कुलपति बनने के बाद से 50 से अधिक छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।’’
दीपके ने आरोप लगाया, ‘‘जब छात्र किसी बात का विरोध करते हैं तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है लेकिन जब अभाविप किसी चीज का विरोध करती है या कोई द्वार बंद करती है तो उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं होती। सिर्फ दलित और आदिवासी छात्र, जो इस विचारधारा का विरोध करते हैं, उन पर मामले दर्ज किए जाते हैं। यह संस्थानों (विश्वविद्यालयों) को आरएसएस की शाखा बनाने की योजना है।’’
कॉजपा के संस्थापक ने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था से छात्रों का भरोसा उठ रहा है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अभ्यर्थी कई दिनों से (भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर) एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठ गया है। जब तक भीमनवार इस्तीफा नहीं देते, तब तक छात्र कैसे भरोसा कर सकते हैं कि परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से होंगी?’’
दीपके ने कहा कि कॉजपा एमपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों के साथ मिलकर जल्द एक ऑनलाइन अभियान – ‘भीमनवार राजीनामा द्या’ (भीमनवार इस्तीफा दें) शुरू करेगा। इस अभियान में छात्र बताएंगे कि भीमनवार कौन हैं, उनकी ‘‘उपलब्धियां’’ क्या हैं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनका क्या संबंध है और उनके इस्तीफे की जरूरत क्यों है।
दीपके ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) – मुंबई के एक छात्र की पिछले हफ्ते कथित आत्महत्या के मामले पर कहा कि इसे सिर्फ इसलिए सही नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि वह नकल करते हुए पकड़ा गया था।
अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार शाम को छात्र अपने छात्रावास के कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ मिला। उससे कुछ समय पहले उसे मध्य-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।
दीपके ने कहा, ‘‘आईआईटी मुंबई में आत्महत्या की घटना दुखद है। यह शिक्षा व्यवस्था से छात्रों का भरोसा उठने का नतीजा है। बच्चे पिछड़े इलाकों के साथ-साथ बड़े शहरों में भी जान दे रहे हैं। वे आत्महत्या इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका साथ देने वाला कोई नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई नकल करते पकड़ा जाता है तो आत्महत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता। क्या हमने कभी सुना है कि भ्रष्टाचार में पकड़े जाने के बाद किसी मंत्री ने आत्महत्या की हो या बैंक लूटकर भागने वाले किसी व्यापारी ने ऐसा किया हो? यहां मानसिक स्वास्थ्य संबंधी काउंसलिंग अधिक जरूरी है। यह इतनी बड़ी गलती नहीं थी कि इसके लिए आत्महत्या कर ली जाए।’’
विदर्भ के अपने हालिया दौरे का जिक्र करते हुए कॉजपा नेता ने आरोप लगाया कि छात्रों को उचित सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। विदर्भ में उन्होंने आदिवासी विद्यालयों का भी दौरा किया था।
उन्होंने पूछा, ‘‘आश्रम विद्यालयों को भारी मात्रा में धन मिलता है। हाल में (गढ़चिरौली में) तीन छात्रों की सांप के काटने से मौत हो गई लेकिन फिर भी छात्रों को बिस्तर नहीं दिए जाते और वे जमीन पर ही सोते हैं। लड़कियों को खुले में नहाना पड़ता है और लड़कों के स्नानगृह में न तो छत है और न ही दरवाजे। क्या वे जानवर हैं?’’
दीपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अगर आप सम्मानजनक शिक्षा नहीं दे सकते तो आप किस वजह से सत्ता में बैठे हैं?’’
उन्होंने कहा कि ‘‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’’ अभियान जारी रहेगा और पूरे देश में इसका विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों का दौरा किया है और मैं गुजरात भी जाऊंगा जिसके बारे में मुझसे कोई सवाल नहीं कर रहा है।’’
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक संबंधी निर्वाचन आयोग के फैसले पर दीपके ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए, सभी विपक्षी पार्टियों को भंग कर देना चाहिए और उनके चुनाव चिह्नों पर रोक लगा देनी चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘सिर्फ एक पार्टी चुनाव लड़ेगी और एक ही पार्टी चुनाव जीतेगी।’’
भाषा सुरभि सिम्मी
सिम्मी
सिम्मी

Facebook


