सिख गुरु संबंधी टिप्पणी विवाद में आतिशी 19 जनवरी तक बयान प्रस्तुत करें : दिल्ली विधानसभा

सिख गुरु संबंधी टिप्पणी विवाद में आतिशी 19 जनवरी तक बयान प्रस्तुत करें : दिल्ली विधानसभा

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 09:38 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा ने बृहस्पतिवार को विपक्ष की नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को हाल ही में समाप्त हुए शीतकालीन सत्र में सिख गुरुओं के खिलाफ कथित तौर पर की गई “अपमानजनक टिप्पणी” के संबंध में अपना लिखित बयान प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की अध्यक्ष ने आतिशी को 19 जनवरी तक उनका लिखित बयान प्रस्तुत करने को कहा है। विधानसभा सचिवालय द्वारा उन्हें भेजे गए एक पत्र में यह जानकारी दी गई है।

पिछले साल शहादत की 350वीं बरसी के अवसर पर दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर छह जनवरी को विधानसभा सत्र में हुई चर्चा के बाद आतिशी द्वारा कथित तौर पर सिख गुरुओं के प्रति अनादर दिखाने का मुद्दा एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है, जिसमें दिल्ली में सत्तारूढ़ भाजपा और पंजाब में सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी शामिल हैं।

जहां एक ओर पंजाब पुलिस ने आतिशी के कथित तौर पर “छेड़छाड़ किए गए” वीडियो क्लिप के इस्तेमाल और प्रसार को लेकर जालंधर में प्राथमिकी दर्ज की है, वहीं दिल्ली विधानसभा ने विशेषाधिकार के उल्लंघन को लेकर राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा है।

विधानसभा द्वारा आतिशी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि छह जनवरी को शीतकालीन सत्र की कार्यवाही के दौरान, उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के आदेश का उल्लंघन करते हुए दिल्ली में प्रदूषण पर चर्चा की मांग की, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बताया था कि बहस अगले दिन के लिए सूचीबद्ध है।

इसमें कहा गया है, “ऐसा करते समय आपने कथित तौर पर सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके कारण सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हुई। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए, अध्यक्ष ने आपसे बैठक में उपस्थित होकर सही स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।”

इस घटना के बाद से आतिशी ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया है।

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया। उन्होंने दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और भाजपा विधायकों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गयी विधानसभा रिकॉर्डिंग के वीडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच के निर्देश भी दिए, जिसमें आतिशी पर सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया गया है।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश