दिल्ली की अदालत ने बुजुर्ग दंपति के परिसर पर फर्जी ईडी छापे मामले में महिला आरोपी को जमानत दी

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दिल्ली की अदालत ने बुजुर्ग दंपति के परिसर पर फर्जी ईडी छापे मामले में महिला आरोपी को जमानत दी

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 01:42 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 01:42 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने उस महिला को जमानत दे दी है, जिस पर खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का हिस्सा होने का आरोप है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ‘‘आरोपी को सलाखों के पीछे रखे जाने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा।’’

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद जोशी ने आरोपी पूजा राजपूत को 25,000 रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि की दो जमानतों पर जमानत दी।

अदालत ने 11 जून के अपने आदेश में कहा, ‘‘ बताया गया है कि पूजा के विरुद्ध जांच पूरी हो चुकी है और वह काफी समय से न्यायिक हिरासत में है। आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और यह उसकी पहली जमानत याचिका है…।’’

अभियोजन पक्ष के अनुसार पूजा राजपूत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाली साजिश में शामिल थी।

फरवरी में एक प्राथमिकी दर्ज की गई जिसमें कहा गया कि ईडी अधिकारी बनकर तीन लोग 86 वर्षीय सेवानिवृत्त वास्तुकार (आर्किटेक्ट) आर. सी. सभरवाल के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित घर में घुस गए थे।

छापे मारने के बहाने आरोपियों ने कथित तौर पर परिवार के सदस्यों को धमकाया, उनके मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें अपने गहने तथा नकदी मेज पर रखने का निर्देश दिया।

जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के घर में कार्यरत घरेलू सहायिका रेखा देवी के साथ-साथ पूजा राजपूत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोप लगाया कि पूजा राजपूत रेखा की रिश्तेदार है और बुजुर्ग दंपति को ठगने की साजिश में शामिल है।

अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और दो आरोपी अब भी फरार हैं।

अदालत ने कहा कि सह-आरोपी रेखा को इस अपराध की मुख्य कर्ता-धर्ता बताया गया है और राजपूत के घर से जो बरामदगी हुई है, वह वर्दियों और पहचान पत्रों से संबंधित है, जो कथित रूप से सह-आरोपी प्रकाश के थे, जिसकी गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

जमानत देते हुए अदालत ने आरोपी पूजा को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता या गवाहों से किसी भी प्रकार का संपर्क या मुलाकात न करे और ऐसा कोई भी कार्य न करे जिससे न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा