नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत में भाजपा विधायक करनैल सिंह को तलब करने संबंधी मजिस्ट्रेट अदालत का आदेश बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया।
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह मामले में करनैल सिंह की उस पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को विभिन्न आधारों पर चुनौती दी गई है।
उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत को कथित (मानहानिकारक) बयानों, रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और प्रस्तुत किए गए अपवादों की सीमित पड़ताल करनी चाहिए, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि आगे की कार्यवाही के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं।
न्यायाधीश ने कहा कि उक्त आदेश को निरस्त किया जाता है और मामले को निचली अदालत को वापस भेजा जाता है ताकि वह कानून के अनुसार नया आदेश पारित कर सके।
मजिस्ट्रेट अदालत ने एक अप्रैल को कहा था कि जैन ने अपनी शिकायत में और अपनी ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान में मानहानि के सभी तत्वों को प्रथम दृष्टया स्थापित किया है, जो मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त हैं।
इसने कहा था, ‘‘तदनुसार, यह मानने का कोई कारण नहीं है कि आरोप निराधार है और वर्तमान मामले में बीएनएसएस की धारा 274 (आरोप का सार बताया जाना) के तहत आरोपी को आरोप की सूचना देने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है।’’
अदालत ने कहा था, ‘‘आरोपी (सिंह) को अगली सुनवाई की तारीख पर इस अदालत के समक्ष अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा ताकि उसे अभियोग का नोटिस प्रस्तुत किया जा सके।’’
जैन ने सिंह पर पिछले साल 19 जनवरी को एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, सिंह ने साक्षात्कार में मानहानिकारक बयान दिया।
सिंह ने कथित तौर पर दावा किया था कि प्रवर्तन निदेशालय ने जैन के घर से 37 किलोग्राम सोना बरामद किया है, और आम आदमी पार्टी के नेता के नाम पर 1,100 एकड़ जमीन है, जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार और धनशोधन से अर्जित धन से खरीदा था।
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नेत्रपाल सुभाष
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