नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) ईस्ट ऑफ कैलाश में बसों और मेट्रो में यात्रियों को निशाना बनाकर महंगे फोन चुराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चुराए गए फोन बाद में कोलकाता के रास्ते तस्करी करके बांग्लादेश भेजे जाते थे। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। आरोपियों की पहचान ताज मोहम्मद (54), परवेश उर्फ फिरोज खान (42) और करण उर्फ ओम प्रकाश (30) के रूप में हुई है, जिन्हें 28 अगस्त को श्री निवास पुरी बस डिपो के पास से पकड़ा गया। उनके कब्जे से कुल 26 स्मार्टफोन बरामद किए गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे संगम विहार निवासी अजय नेगी और सनी कट्टा के लिए काम करते थे, जो कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन का कारोबार करने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह चलाते हैं।’ पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य दिल्ली-एनसीआर में जेबकतरों और झपटमारों द्वारा चोरी किए गए मोबाइल को एकत्र करते थे, जिन्हें बाद में कथित तौर पर कोलकाता के रास्ते तस्करी कर बांग्लादेश भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के मूल निवासी मोहम्मद ने कक्षा दो तक पढ़ाई की है और जेब काटने से पहले वह पहले मजदूरी करता था। पुलिस ने कहा कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस के अनुसार बिहार के मुंगेर का निवासी प्रवेश कक्षा सात तक पढ़ा है और दिल्ली में काम ढूंढने के लिए आया था। फैक्ट्रियों में काम करने के बाद वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया और उस पर तीन चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर के निवासी करण ने आठवीं तक पढ़ाई की और पिता की मौत के बाद उसने स्कूल छोड़ दिया। जेबकतरों के गिरोह में शामिल होने से पहले वह भी मजदूरी करता था और उसके खिलाफ चोरी के 13 मामले दर्ज हैं.
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