दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के लिए एक बार छूट योजना को मंजूरी

दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के लिए एक बार छूट योजना को मंजूरी

दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के लिए एक बार छूट योजना को मंजूरी
Modified Date: June 1, 2026 / 10:00 pm IST
Published Date: June 1, 2026 10:00 pm IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर के प्रवासी परिवारों को दी जाने वाली तदर्थ मासिक राहत (एएमआर) योजना से संबंधित एक बार छूट योजना का प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है।

कैबिनेट ने कश्मीरी प्रवासी परिवारों को दी जाने वाली मासिक राहत से संबंधित आय पात्रता शर्तों को हटाने को भी मंजूरी दे दी है।

गुप्ता ने कहा, “ अब परिवार की आय कितनी भी हो या उसके पास कोई अचल संपत्ति हो, इससे राहत प्राप्त करने की पात्रता प्रभावित नहीं होगी। दिल्ली सरकार में पंजीकृत पात्र प्रवासी परिवारों को वर्तमान नियमों के अनुसार राहत प्रदान की जाएगी। एक परिवार में अधिकतम चार सदस्यों तक राहत का लाभ उपलब्ध रहेगा।”

मुख्यमंत्री के अनुसार, लाभार्थियों के रिकॉर्ड पूरी तरह से सटीक और ठीक से रखे जाएं, यह सुनिश्चित करने के लिए एक बार छूट योजना शुरू की जा रही है।

उन्होंने एक बयान में कहा, “इस योजना के तहत, प्रवासी परिवारों को अपने मौजूदा परिवार के सदस्यों और उनके आधार कार्ड की जानकारी को सही ढंग से अपडेट करने का एक और अवसर मिलेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान, यदि किसी लाभार्थी को अनजाने में हुई गलती या तकनीकी समस्या के कारण पहले अधिक राहत राशि मिल गई थी, तो वह राशि उनसे वसूल नहीं की जाएगी।

गुप्ता ने कहा कि छूट योजना की कट ऑफ तिथि पहले एक अक्टूबर 2025 तय की गई थी, अब बढ़ाकर एक अप्रैल, 2026 कर दी गई है, ताकि सभी पात्र परिवारों को योजना का लाभ उठाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

उन्होंने कहा, ‘कैबिनेट ने लंबित मासिक राहत राशि के भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं को भी मंजूरी दे दी है। पहले लंबित राहत राशि का भुगतान 30 सितंबर, 2025 तक करने का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 कर दिया गया है।’

गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से लगभग 1,832 प्रवासी परिवारों को फायदा होगा और सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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