दिल्ली सरकार 15 दिन में अधिसूचित कर सकती है ट्रांसजेंडर कल्याण नियम

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दिल्ली सरकार 15 दिन में अधिसूचित कर सकती है ट्रांसजेंडर कल्याण नियम

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 07:27 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 07:27 PM IST

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ‘स्माइल’ योजना, गरिमा गृह आश्रय स्थलों और ‘आयुष्मान भारत टीजी प्लस’ स्वास्थ्य कवरेज के तहत ट्रांसजेंडर को शामिल करने से संबंधित नियम अगले 15 दिन के भीतर अधिसूचित कर सकती है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि इन नियमों से ट्रांसजेंडर को कानूनी मान्यता, आजीविका सहायता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पुनर्वास की सुविधा और भेदभाव से सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ये नियम उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और समानता व गरिमा की संवैधानिक गारंटी के अनुरूप होंगे।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नियमों के मसौदे पर परामर्श प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और राजपत्रित अधिसूचना की फाइल उपराज्यपाल के अंतिम हस्ताक्षर के लिए भेज दी गई है।

उन्होंने बताया कि इसके बाद नियमों को औपचारिक रूप से अधिसूचित कर दिल्ली भर में लागू किया जाएगा।

यह कदम केंद्र सरकार के 19 नवंबर 2025 के उस आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और उससे जुड़े नियमों को अपनाने व लागू करने को कहा गया था।

केंद्र का आदेश उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और उसके नियम, 2020 के अनुरूप है, जो शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए कानूनी मान्यता, कल्याणकारी उपाय और भेदभाव से सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

आदेश में राज्य स्तर पर क्रियान्वित कल्याणकारी तंत्र के जरिए इन अधिकारों को लागू करने के लिए नियमों का भी प्रस्ताव है।

आदेश के अनुसार ‘स्माइल’ योजना ट्रांसजेंडर और हाशिए पर खड़े अन्य लोगों को आजीविका सहायता, कौशल विकास, शिक्षा सहायता, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और पुनर्वास उपलब्ध कराती है और इसे 2019 के अधिनियम के अनुरूप लागू किया गया है।

नियमों में आयुष्मान भारत ट्रांसजेंडर प्लस के तहत स्वास्थ्य सहायता का प्रावधान है, जिसमें लैंगिक पहचान के अनुरूप देखभाल, हार्मोन थेरेपी, लैंगिक पहचान बदलने के लिए सर्जरी और ऑपरेशन के बाद की देखभाल शामिल है। इसके तहत प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क चिकित्सा कवरेज उपलब्ध होगा।

आदेश में जरूरतमंद ट्रांसजेंडर के लिए सुरक्षित आवास, भोजन, चिकित्सा देखभाल, परामर्श और मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु गरिमा गृह आश्रय स्थल स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है।

भाषा खारी प्रशांत

प्रशांत