नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि देश का औषधि निर्यात वर्ष 2024-25 में 9.4 प्रतिशत बढ़कर 30.47 अरब डॉलर हो गया और उद्योग की वर्ष 2026-27 में दहाई अंक में बढ़ने की मंशा है।
अहमदाबाद में आयोजित एक ‘चिंतन शिविर’ के दौरान सरकारी अधिकारियों और दवा उद्योग के बीच निर्यात से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
यह क्षेत्र, जिसकी कीमत अभी लगभग 60 अरब डॉलर है, वर्ष 2030 तक 130 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
भारत मात्रा के हिसाब से औषधि क्षेत्र में तीसरे नंबर पर है। यहां से 200 से ज़्यादा बाजार में दवाएं निर्यात की जाती हैं। इनमें 60 प्रतिशत से ज़्यादा निर्यात कड़े नियामकीय बाजारों के लिए होता है।
भारत के दवा निर्यात में अमेरिका का 34 प्रतिशत और यूरोप का 19 प्रतिशत हिस्सा है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘बातचीत में सरकार का ध्यान लगातार निर्यात में तेज़ी लाने के लिए हालात बनाने पर रहा, और उद्योग ने वर्ष 2026-27 में दोहरे अंक की वृद्धि का लक्ष्य रखने की तैयारी दिखाई।’’
मंत्रालय ने कहा कि वह निर्यातकों, नियामकों और विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ बातचीत जारी रखेगा ताकि समय पर समस्याओं की पहचान और उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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