नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि शहर के सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने से पहले वर्तमान शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकें मिल जाएंगी।
दिल्ली सरकार ने न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की अदालत के समक्ष यह जानकारी दी। न्यायमूर्ति दत्ता गैर सरकारी संगठन ‘सोशल ज्यूरिस्ट’ द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें छात्रों को समय पर शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में 2024 के न्यायिक आदेश की ‘‘जानबूझकर अवज्ञा’’ करने के लिए सचिव (शिक्षा) के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया था।
न्यायाधीश ने अवमानना याचिका पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया और सुनवाई के लिए उपस्थित एक सरकारी अधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन को रिकॉर्ड में दर्ज किया।
एनजीओ की ओर से पेश वकील अशोक अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले लाखों छात्र एक अप्रैल से शुरू हुए मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए अधिकारियों द्वारा पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने में विफलता के कारण पीड़ित हैं, जिससे उनके शिक्षा के अधिकार पर असर पड़ रहा है।
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि निविदाएं जारी की गईं और परिणामस्वरूप, 10 लाख छात्रों को किताबें मिल चुकी हैं तथा लगभग आठ लाख छात्र शेष हैं, जिन्हें अगले कुछ दिनों में उनकी किताबें मिल जाएंगी।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सितंबर के लिए तय की।
भाषा शफीक संतोष
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