कांवड़ शिविरों के लिए दिल्ली सरकार ने अनुदान राशि बढ़ाई, बड़े शिविरों को मिलेंगे 15 लाख रुपये

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कांवड़ शिविरों के लिए दिल्ली सरकार ने अनुदान राशि बढ़ाई, बड़े शिविरों को मिलेंगे 15 लाख रुपये

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 10:40 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 10:40 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने बड़े कांवड़ शिविरों के लिए वित्तीय सहायता मौजूदा 11 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने और 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जारी रखने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के मुताबिक, सरकार ने कहा कि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या, महंगाई और कांवड़ शिविरों के संचालन पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार ने कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इससे कांवड़ समितियां श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में छह से 12 दिन तक संचालित होने वाले कांवड़ शिविरों को मिलने वाली सहायता 11 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र वाले तीन से पांच दिन के शिविरों के लिए सहायता राशि छह लाख रुपये से बढ़ाकर नौ लाख रुपये की जाएगी।

उनके मुताबिक, यह निर्णय कांवड़ समितियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य सभी श्रेणियों के कांवड़ शिविरों की सहायता राशि में भी वृद्धि की जाएगी।

उन्होंने कहा कि 15,001 से 20,000 वर्गफुट तक के क्षेत्र में तीन से पांच दिन की अवधि वाले शिविरों के लिए सहायता राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये और छह से 12 दिन की अवधि वाले शिविरों के लिए सहायता राशि सात लाख रुपये से बढ़ाकर नौ लाख रुपये की जाएगी।

बयान के मुताबिक, 10,001 से 15,000 वर्गफुट के क्षेत्र में तीन से पांच दिन वाले शिविरों के लिए, सहायता चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये और छह से 12 दिनों वाले शिविरों के लिए अनुदान राशि सात लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये की जाएगी।

इसमें कहा गया है कि 5,001 से 10,000 वर्गफुट तक के क्षेत्र में तीन दिन के शिविरों के लिए सहायता राशि 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये और छह से 12 दिन वाले शिविरों के लिए चार लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की जाएगी।

बयान के अनुसार, 5,000 वर्गफुट तक के क्षेत्रों में तीन से पांच दिन तक लगने वाले छोटे शिविरों के लिए सहायता 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये और छह से 12 दिन के लिए लगने वाले शिविरों के लिए अनुदान दो लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया जाएगा।

गुप्ता ने कहा, “दिल्ली में कांवड़ यात्रा का स्वरूप लगातार बड़ा होता जा रहा है। वर्ष 2024 में जहां 170 कांवड़ शिविर लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 308 हो गई।”

सरकार ने कहा कि कांवड़ समितियों को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। इसने कहा है कि बिजली वितरण कंपनियां बीएसईएस और टीपीडीडीएल समय पर बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करेंगी और यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेंगी।

गुप्ता ने कहा कि कांवड़ समितियों को अनुदान मिलने में देरी न हो, इसके लिए प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा और अब अनुदान की अग्रिम और अंतिम दोनों किस्तें सीधे संबंधित जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय से जारी की जाएंगी।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश

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