केजरीवाल और अन्य के खिलाफ अवमानना मामले पर 16 नवंबर को सुनवाई करेगा दिल्ली उच्च न्यायालय

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केजरीवाल और अन्य के खिलाफ अवमानना मामले पर 16 नवंबर को सुनवाई करेगा दिल्ली उच्च न्यायालय

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 01:51 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 01:51 PM IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से ‘‘अपमानजनक’’ पोस्ट साझा करने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य के खिलाफ आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई के लिए सोमवार को 16 नवंबर की तारीख तय की।

न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति अरुण भारद्वाज की पीठ ने केजरीवाल और अन्य को मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।

केजरीवाल की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्हें अब तक वह पूरी सामग्री नहीं मिली है, जिसके आधार पर अवमानना का मामला शुरू किया गया।

पीठ ने रजिस्ट्री को वह सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिसे ‘‘अपूर्ण’’ बताया गया है। उसने कहा, ‘‘यदि कोई जवाब दाखिल करना है तो चार सप्ताह के भीतर किया जाए।’’

अदालत ने अधिवक्ता अशोक चैतन्य की ओर से केजरीवाल और अन्य के खिलाफ दाखिल एक अलग अवमानना याचिका पर भी 16 नवंबर को सुनवाई तय की। इस याचिका में ‘आप’ नेता गोपाल राय और पत्रकार सौरव दास समेत अन्य पर न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ कथित रूप से ‘‘सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान’’ का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया है।

अदालत ने न्यायमूर्ति शर्मा की ओर से स्वत: संज्ञान लेकर शुरू किए गए अवमानना मामले में केजरीवाल और अन्य नेताओं को 19 मई को नोटिस जारी किया था और उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था।

अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीप बेहुरा को न्याय मित्र भी नियुक्त किया था।

न्यायमूर्ति शर्मा ने 14 मई को आबकारी नीति मामले से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर केजरीवाल, सिसोदिया, सिंह और आप के अन्य नेताओं दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज तथा विनय मिश्रा के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू की थी।

न्यायाधीश ने ‘एक्स’ उपयोगकर्ता देवेश विश्वकर्मा के खिलाफ भी अवमानना कार्यवाही शुरू की थी।

इसके बाद अधिवक्ता अशोक चैतन्य ने भी अवमानना याचिका दाखिल की।

न्यायमूर्ति शर्मा ने अवमानना संबंधी आदेश में कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानूनी उपाय अपनाने के बजाय उन्हें ‘‘बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर सोची समझी मुहिम’’ चलाई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि सभी आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर अब दूसरी पीठ सुनवाई करेगी।

अधीनस्थ अदालत ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच की कसौटी पर पूरी तरह टिक नहीं सकता और समूचे मामले की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है।

भाषा सिम्मी वैभव

वैभव