दिल्ली उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म मामले में वकील के आत्मसमर्पण करने की समय सीमा बढ़ाई

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म मामले में वकील के आत्मसमर्पण करने की समय सीमा बढ़ाई

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  • Publish Date - November 13, 2025 / 01:48 PM IST,
    Updated On - November 13, 2025 / 01:48 PM IST

नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महिला अधिवक्ता द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामले में एक पुरुष वकील के आत्मसमर्पण करने की अवधि बृहस्पतिवार को 17 नवंबर तक बढ़ा दी।

न्यायमूर्ति अमित महाजन ने सात नवंबर को 51 वर्षीय आरोपी वकील को उसकी जमानत रद्द होने के बाद अधीनस्थ अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।

अदालत ने आरोपी को महिला वकील से संपर्क न करने का निर्देश दिया और कहा कि अगर वह ऐसा करता है, तो दिल्ली पुलिस उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि उसके आत्मसमर्पण के लिए समय एक सप्ताह बढ़ाया जाए। आरोपी के वकील ने कहा कि उन्होंने जमानत रद्द करने के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की है और सोमवार को इसे सूचीबद्ध किए जाने की संभावना है।

उच्च न्यायालय ने सात नवंबर को आरोपी वकील की गिरफ्तारी-पूर्व जमानत रद्द कर दी थी और कहा था कि इसका एक मुख्य सिद्धांत कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना है।

पिछले सप्ताह, अदालत ने दुष्कर्म के मामले में महिला वकील को उसके आरोप वापस लेने के लिए मजबूर करने में उनकी कथित भूमिका के लिए दो न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक जांच का भी आदेश दिया था।

अपनी शिकायत में 27 वर्षीय महिला वकील ने आरोप लगाया है कि वह एक मित्र के माध्यम से आरोपी से मिली थी और एक पार्टी के लिए उसके घर गई थी, जहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उससे शादी करने का वादा किया क्योंकि वह विधुर है।

भाषा रवि कांत रवि कांत मनीषा

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