Honey Singh Badshah Song Ban : हनी सिंह और बादशाह की बढ़ी मुश्किलें! दिल्ली हाई कोर्ट ने इस गाने को बताया अश्लील, इंटरनेट से हटाने का फरमान

Delhi High Court ने Volume 1 को महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि कलात्मक स्वतंत्रता के नाम पर अश्लीलता स्वीकार नहीं की जा सकती।

Honey Singh Badshah Song Ban : हनी सिंह और बादशाह की बढ़ी मुश्किलें! दिल्ली हाई कोर्ट ने इस गाने को बताया अश्लील, इंटरनेट से हटाने का फरमान

Honey Singh Badshah Song Ban / Image Source : INSTAGRAM

Modified Date: April 2, 2026 / 11:12 pm IST
Published Date: April 2, 2026 11:10 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कोर्ट ने गाने को महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया।
  • सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को तुरंत हटाने का निर्देश
  • अगली सुनवाई 7 मई को तय की गई।

नई दिल्ली : Honey Singh Badshah Song Ban राजधानी दिल्ली के उच्च न्यायालय ने मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साल 2006 में आए उनके विवादित गाने ‘वॉल्यूम 1’ (Volume 1) को महिलाओं के प्रति बेहद अपमानजनक और अश्लील बताते हुए सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि कलात्मक स्वतंत्रता के नाम पर ऐसी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई को तय की है

Honey Singh News कोर्ट की सख्त टिप्पणी

न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि इस गाने ने “अदालत की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।” जज ने अपने केबिन में इस गाने को सुनने के बाद टिप्पणी की कि इसमें शिष्टता के न्यूनतम मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। कोर्ट के अनुसार, इस गाने का कोई कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है और यह केवल महिलाओं का अपमान करता है।

इंटरनेट से ब्लॉक करने का आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने न केवल हनी सिंह और बादशाह को नोटिस जारी किया है, बल्कि सभी म्यूजिक ऐप्स, सोशल मीडिया कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे इस गाने को अपने सर्वर से ब्लॉक करें। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में यह गाना किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न रहे।

Badshah Song News हिंदू शक्ति दल की याचिका

यह फैसला हिंदू शक्ति दल नामक संगठन द्वारा दायर की गई याचिका पर आया है। संगठन ने दलील दी थी कि यह गाना समाज में गलत संदेश फैला रहा है और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह अधिकार भी दिया है कि यदि भविष्य में उन्हें यह गाना कहीं भी ऑनलाइन मिलता है, तो वे तुरंत सरकार और संबंधित प्लेटफॉर्म को इसकी जानकारी दे सकते हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..