दिल्ली उच्च न्यायालय ने विशाखापत्तनम हवाई अड्डा बंद करने संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
दिल्ली उच्च न्यायालय ने विशाखापत्तनम हवाई अड्डा बंद करने संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने विशाखापत्तनम हवाई अड्डे को वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इनकार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत लेकर आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय जाना चाहिए था, क्योंकि इस बंदी की वजह से वहाँ के लोग ही ‘‘परेशान’’ हो रहे हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ से अधिकारियों से जवाब मंगाने का आग्रह किया और तर्क दिया कि हवाई अड्डा बंद करने का ‘‘फैसला’’ दिल्ली में लिया गया था।
अदालत ने इसके जवाब में कहा, ‘‘यह आदेश लोगों पर कहां असर डाल रहा है? जब मामले से जुड़े कारण दो उच्च न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, तो मुख्य मुख्य उच्च न्यायालय ही यह तय करता है कि मामला कहाँ सुना जाएगा। मामले का मुख्य कारण विशाखापत्तनम में है। इसलिए, इसे वहीं दायर करें।’’
इसने यह भी गौर किया कि इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका लंबित है।
पीठ ने याचिका खारिज कर दी।
केंद्रीय विमानन मंत्रालय ने 28 जुलाई को कहा था कि विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर सभी निर्धारित वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं 16 अगस्त के बाद 30 साल की अवधि के लिए बंद कर दी जाएंगी।
भाषा
नेत्रपाल रंजन
रंजन

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