दिल्ली : अगस्त में डेंगू के सबसे अधिक मामले दर्ज, मच्छर जनित बीमारियों में तेज बढ़ोतरी
दिल्ली : अगस्त में डेंगू के सबसे अधिक मामले दर्ज, मच्छर जनित बीमारियों में तेज बढ़ोतरी
नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) दिल्ली में इस साल अगस्त महीने में डेंगू के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। इस दौरान डेंगू के 90 मामले सामने आए जबकि मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की ताजा रिपोर्ट से यह जानकारी प्राप्त हुई।
इस साल 29 अगस्त तक राजधानी में डेंगू के 311, मलेरिया के 119 और चिकनगुनिया के 22 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इन तीनों बीमारियों में से किसी के कारण अब तक कोई मौत दर्ज नहीं की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, केवल पिछले सप्ताह ही दिल्ली में डेंगू के 39 मामले सामने आए।
अगस्त में डेंगू के कुल 311 मामलों में से 90 मामले सामने आए जो जुलाई में दर्ज किए गए 40 मामलों से दोगुने से भी अधिक हैं। यह इस साल अब तक किसी एक महीने में दर्ज डेंगू मामलों की सबसे अधिक संख्या है। अप्रैल में डेंगू के 52 मामले सामने आए थे, जो इस साल दूसरा सबसे अधिक मासिक आंकड़ा रहा।
अगस्त में मलेरिया के मामलों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस महीने मलेरिया के 53 मामले सामने आए, जबकि जुलाई में 17 मामले दर्ज किए गए थे।
चिकनगुनिया के मामले डेंगू के मुकाबले कम रहे, लेकिन इनमें भी वृद्धि देखी गई। अगस्त में चिकनगुनिया के आठ मामले सामने आए, जिससे इस साल अब तक कुल मामलों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। जुलाई में चिकनगुनिया के तीन मामले दर्ज किए गए थे।
एमसीडी के 12 क्षेत्रों में पश्चिमी क्षेत्र में डेंगू के सबसे अधिक 47 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद शाहदरा क्षेत्र में 32 और मध्य क्षेत्र में 39 मामले सामने आए।
मलेरिया के मामलों में दक्षिणी दिल्ली में सबसे अधिक 22 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद पश्चिमी क्षेत्र में 22 और मध्य क्षेत्र में 16 मामले सामने आए।
हालांकि, दिल्ली सरकार के हालिया आंकड़े इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने पिछले सप्ताह पत्रकारों से कहा था कि 25 अगस्त तक डेंगू के 2,200 मामले सामने आ चुके हैं। सरकार और एमसीडी के आंकड़ों में इस अंतर को लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
मच्छरों पर नियंत्रण के उपायों के तहत, 29 अगस्त तक एमसीडी की टीमों ने मच्छरों के प्रजनन की जांच के लिए 2.56 करोड़ से अधिक घरों का दौरा किया है।
मच्छरों के प्रजनन की स्थिति 1.15 लाख घरों में पाई गई, जबकि करीब 5.77 लाख घरों में धुआं छिड़काव (फ्यूमिगेशन) किया गया।
एमसीडी ने बताया कि उसने इस साल मच्छरों के प्रजनन की स्थिति पाए जाने पर 90,536 कानूनी नोटिस जारी किए हैं और 7,501 मामलों में अभियोजन की कार्रवाई शुरू की है।
भाषा तान्या नरेश
नरेश

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