दिल्ली के अस्पताल ने दो मरीज़ों का ह्रदय ऑपरेशन और यकृत प्रत्यारोपण किया गया

Ads

दिल्ली के अस्पताल ने दो मरीज़ों का ह्रदय ऑपरेशन और यकृत प्रत्यारोपण किया गया

  •  
  • Publish Date - May 21, 2026 / 10:23 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 10:23 PM IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) दिल्ली के एक अस्पताल ने जिगर और दिल की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे दो मरीजों के ह्रदय के ऑपरेशन के साथ-साथ उनका यकृत प्रत्यारोपण भी किया जो अपनी तरह का दुर्लभ मामला है। डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

ये सर्जरी शालीमार बाग स्थित एक निजी अस्पताल में की गईं।

अस्पताल के अनुसार, एक मरीज उज्बेकिस्तान का 46 वर्षीय व्यक्ति था जिसके हृदय की तीनों प्रमुख धमनियों में गंभीर रुकावट थी, जबकि 41 वर्षीय दूसरे मरीज के दिल की उस वाल्व में गंभीर संकुचन था, जो हृदय से शरीर तक रक्त के प्रवाह को नियंत्रित करती है।

डॉक्टरों ने बताया कि दोनों मरीज ‘डीकम्पेन्सेटेड क्रॉनिक लीवर डिजीज’ से पीड़ित थे, जो जिगर के काम नहीं करने (फेलियर) की स्थिति है।

उन्होंने बताया कि दोनों ही मामलों में यकृत प्रत्यारोपण ही जीवन बचाने का एकमात्र विकल्प माना गया था।

अस्पताल के मुताबिक, पहले मरीज में डॉक्टरों ने खून बहने के खतरे को कम करने के लिए धड़कते दिल पर कोरोनरी आर्टरी बायपास सर्जरी की। इसके तुरंत बाद उसी ऑपरेशन के दौरान जिगर का प्रत्यारोपण किया गया।

दूसरे मामले में डॉक्टरों ने पहले खराब हो चुके दिल के वाल्व को बदलने के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी की। इसके बाद 24 घंटे तक मरीज की निगरानी की गई ताकि किसी तरह की जटिलता न हो। अगले दिन जिगर का प्रत्यारोपण किया गया।

अस्पताल ने बताया कि सर्जरी के बाद दोनों मरीजों की हालत में तेजी से सुधार हुआ और तीन सप्ताह के भीतर उन्हें स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश