दिल्ली: थाने के अंदर जांच में बाधा डालने और पुलिसकर्मी को धमकाने के आरोप में ‘वकीलों’ पर मामला दर्ज

दिल्ली: थाने के अंदर जांच में बाधा डालने और पुलिसकर्मी को धमकाने के आरोप में 'वकीलों' पर मामला दर्ज

दिल्ली: थाने के अंदर जांच में बाधा डालने और पुलिसकर्मी को धमकाने के आरोप में ‘वकीलों’ पर मामला दर्ज
Modified Date: June 1, 2026 / 10:30 pm IST
Published Date: June 1, 2026 10:30 pm IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) पूर्वी दिल्ली के शकरपुर थाने के अंदर एक पुलिस अधिकारी को धमकी देने और उसे ड्यूटी करने से रोकने के आरोप में खुद को वकील बताने वाले कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह कार्रवाई इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद की गई है। इस क्लिप में लोगों के एक समूह को गाली-गलौज करते और थाने के परिसर में एक जांच अधिकारी को कथित तौर पर धमकी देते हुए देखा जा सकता है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 30 मई को उस समय हुई जब सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) नरेंद्र कुमार सड़क दुर्घटना के एक मामले में कानूनी कार्यवाही कर रहे थे।

इस कथित दुर्घटना में अक्षत त्यागी नामक व्यक्ति घायल हो गया था, और पुलिस ने आरोपी वाहन के चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, जिसकी पहचान फरमान के रूप में हुई है।

पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजीव कुमार ने कहा कि दुर्घटना के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के दौरान, खुद को वकील बताने वाले कई लोग कथित तौर पर थाने में घुस गए और उन्होंने जांच अधिकारी पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने का दबाव बनाने का प्रयास किया।

इन लोगों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और पीड़ित के पिता बालेश्वर त्यागी और उनके रिश्तेदार को धमकी दी। पुलिस ने आरोप लगाया कि जब एएसआई नरेंद्र कुमार ने हस्तक्षेप किया और व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, धक्का-मुक्की की गई और उन्हें अपनी ड्यूटी करने से रोका गया।

डीसीपी ने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर थाने के अंदर हंगामा खड़ा किया।

उन्होंने कहा कि कथित बाधा के बावजूद, पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और सड़क दुर्घटना के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज गति से वाहन चलाना) और 125(बी) (दूसरों के जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की।

उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी फरमान को गिरफ्तार कर लिया गया।

एएसआई नरेंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर, बीएनएस (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक को बाधा पहुंचाना), 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 194(2) (हंगामा करना), 351(2) (अपराधिक धमकी) और 3(5) (समान मंशा) के तहत एक और प्राथमिकी दर्ज की गई।

एक संबंधित घटनाक्रम में, बालेश्वर त्यागी की शिकायत पर भी एक प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि उनके और उनके रिश्तेदारों के साथ कथित मारपीट, धमकी और दुर्व्यवहार के संबंध में बीएनएस की धारा 115(2) (चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 351(2) (अपराधिक धमकी), 304(2) (झपटमारी) और 3(5) (संयुक्त दायित्व) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कहा कि मामलों की आगे की जांच चल रही है।

भाषा नोमान

नोमान माधव

माधव


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