दिल्लीः शारीरिक शिक्षा विषय में न्यूटन के नियमों से लेकर तनाव प्रबंधन तक शामिल होगा

दिल्लीः शारीरिक शिक्षा विषय में न्यूटन के नियमों से लेकर तनाव प्रबंधन तक शामिल होगा

दिल्लीः शारीरिक शिक्षा विषय में न्यूटन के नियमों से लेकर तनाव प्रबंधन तक शामिल होगा
Modified Date: September 17, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: September 17, 2026 8:37 pm IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) दिल्ली में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में वैकल्पिक या ऐच्छिक विषय के रूप में शारीरिक शिक्षा (पीई) की पढ़ाई करने वाले छात्रों का अध्ययन का तरीका जल्द ही अधिक रोचक होगा। इसमें विज्ञान और मानसिक सजगता (माइंडफुलनेस) को शामिल किया जाएगा, ताकि छात्रों का ध्यान केवल जीत-हार पर नहीं बल्कि सुधार पर भी केंद्रित हो।

वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए शारीरिक शिक्षा के एक नए ढांचे के तहत, व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार गतिविधियों में बदलाव करने के लिए ‘एसटीईपी’ मॉडल (जगह, कार्य,उपकरण और लोग) का उपयोग किया जाएगा।

उदाहरण के लिए, तेज दौड़ का अभ्यास करने वाला छात्र न्यूटन के नियमों के जरिए यह समझेगा कि बल, घर्षण, शरीर का संतुलन और शरीर की स्थिति उसकी गति को किस तरह प्रभावित करते हैं।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार किए गए मॉड्यूल में कहा गया है कि कूदने और फेंकने वाली गतिविधियों में छात्र सीखेंगे कि समय निर्धारण, तालमेल और प्रक्षेप्य गति (प्रोजेक्टाइल मोशन) किसी प्रदर्शन की दूरी और दिशा को किस तरह प्रभावित करते हैं।

मॉड्यूल में कहा गया है कि शिक्षक खेल के मैदान की जगह में बदलाव कर सकते हैं, किसी कार्य को सरल या उसमें बदलाव कर सकते हैं, उपकरणों में बदलाव कर सकते हैं या साथियों से अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे सभी छात्र एक ही सीखने वाली गतिविधि में हिस्सा ले सकें।

मॉड्यूल में खेलों के साथ मानसिक कौशल को भी जोड़ा गया है। दबाव वाली परिस्थितियों में होने वाली गतिविधियों के दौरान छात्र गहरी सांस लेने, सकारात्मक आत्म-संवाद और प्रदर्शन से पहले की दिनचर्या का अभ्यास करेंगे, जिससे एकाग्रता, आत्मविश्वास और भावनाओं पर नियंत्रण बेहतर हो सके।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश


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