दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन आरोपी गिरफ्तार

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  • Publish Date - June 6, 2026 / 04:34 PM IST,
    Updated On - June 6, 2026 / 04:34 PM IST

नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन के माध्यम से धन की हेराफेरी में शामिल एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है और इसके तीन प्रमुख सदस्यों को दिल्ली एवं हरियाणा से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित के बैंक खाते से कथित तौर पर धोखाधड़ी से हासिल किए गए 4.82 लाख रुपये में से लगभग चार लाख रुपये ‘फ्रीज’ कर दिया गया है।

आरोपियों की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर के रहने वाले सोनू (21) तथा यश कुमार (27) और हरियाणा के यमुना नगर निवासी बलजिंदर सिंह उर्फ ​​मंग्गा (48) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब करोल बाग के प्रेम नगर निवासी 50-वर्षीय एक व्यक्ति ने एसएमएस अलर्ट प्राप्त करने के बाद मध्य जिले के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक, इसमें बताया गया कि उनके बैंक खाते से बिना अनुमति के बड़ी रकम निकाली गई है।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित के बेटे ने तुरंत खाता ब्लॉक करवा दिया, लेकिन तब तक जालसाज कथित तौर पर 4,82,476 रुपये निकाल चुके थे।

जांच के दौरान जांचकर्ताओं ने धन के लेन-देन का पता लगाया और उत्तम नगर में सोनू के नाम से पंजीकृत एक बैंक खाते का पता लगाया, जिसमें धोखाधड़ी से अर्जित पैसा जमा किया गया था। तकनीकी निगरानी और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने छापा मारा और 27 मई को सोनू और यश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस कथित तौर पर धोखाधड़ी नेटवर्क के अंतरराज्यीय संचालक के रूप में काम कर रहे बलजिंदर सिंह तक पहुंची। उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम ने इसके बाद हरियाणा में कई स्थानों पर छापेमारी की और तीन जून को यमुना नगर से उसे गिरफ्तार कर लिया।

जांच में पता चला कि यह गिरोह धोखाधड़ी से अर्जित रकम प्राप्त करने और उसे भेजने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ‘म्यूल’ खातों के नेटवर्क के माध्यम से काम करता था। पुलिस के अनुसार, खाताधारकों को पैसे के बदले बैंक खाते खोलने और इससे जुड़ी जानकारी सौंपने के लिए राजी किया गया था।

‘म्यूल’ खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से प्राप्त धन के लेनदेन के लिए किया जाता है।

पुलिस ने कहा कि समय पर वित्तीय निगरानी से निकाले जाने या किसी और खाते में भेजे जाने से पहले ही लगभग चार लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए।

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश