दिल्ली पुलिस ने 1.56 करोड़ रुपये के ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने 1.56 करोड़ रुपये के ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया, दो गिरफ्तार

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 04:01 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 04:01 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने लगभग 1.56 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े एक ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि आरोपी पीड़ितों से पैसे ठगने के लिए ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान मोहम्मद सादिक (32) एवं जावेद अंसारी (34) के रूप में हुई है। दोनों ही उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।

पुलिस के अनुसार, शाहदरा जिले के साइबर थाने में दर्ज धोखाधड़ी से संबंधित मामले में ये गिरफ्तारियां की गई हैं।

दिल्ली की एक महिला के साथ ऑनलाइन निवेश के नाम पर 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।

मीणा ने कहा कि जीटीबी एन्क्लेव निवासी द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर इस साल नौ अप्रैल को यह मामला दर्ज किया गया।

उन्होंने कहा कि महिला ने सोशल मीडिया पर शेयर बाजार में निवेश से संबंधित एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा था और संबंधित लिंक पर क्लिक करने के बाद, उसे एक समूह में जोड़ा गया जहां जालसाज़ों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ के रूप में पेश किया और पैसा निवेश करने पर मोटे मुनाफे का वादा किया।

डीसीपी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने इन दावों पर विश्वास करते हुए, कुल मिलाकर 21 लाख रुपये निवेश किए, लेकिन जब उसने लाभ की मांग की, तो आरोपी ने उसकी बातों का कोई जवाब नहीं दिया, और अंततः उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान, टीम ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की पहचान करने के लिए तकनीकी विश्लेषण किया।

अधिकारी ने कहा, “पुलिस ने अमरोहा एवं मुरादाबाद में छापेमारी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच से पता चला कि आरोपियों को साइबर ठगी की जानकारी थी और वे ठगी के पैसे प्राप्त करने और उसे स्थानांतरित करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध करा रहे थे।”

उनके मुताबिक, वे कथित तौर पर अपने सहयोगियों के संपर्क में रहे और निवेश के नाम पर ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त पैसे को इधर उधर करने के लिए खातों के इस्तेमाल की अनुमति दी।

जांचकर्ताओं को कई राज्यों में फैले एक व्यापक साइबर धोखाधड़ी गिरोह के संकेत मिले हैं और वे गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं।

डीसीपी मीणा ने कहा, “ हमने बैंक खातों में 1.56 करोड़ रुपये का लेनदेन भी देखा है। पैसे के पूरे लेनदेन का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।”

भाषा नोमान नोमान मनीषा

मनीषा