नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या गैस एजेंसियों के नाम पर आने वाले अज्ञात नंबरों से कॉल पर भरोसा करने को लेकर सावधान किया है। पुलिस ने चेतावनी दी कि साइबर ठग एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैली घबराहट का फायदा उठाकर लोगों को ठग सकते हैं और उनकी मेहनत की कमाई हड़प सकते हैं।
पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एलपीजी सिलेंडर की कमी के बारे में अफवाहों का इस्तेमाल साइबर अपराधी फर्जी लिंक और कॉल के जरिए भोले-भाले उपयोगकर्ताओं को फंसाने के लिए कर रहे हैं।
इस परामर्श के साथ एक छोटा जागरूकता वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें बताया गया था कि कैसे ठग दहशत फैलाते हैं और लोगों को गैस बुकिंग या आपूर्ति की पुष्टि से संबंधित लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘एक बार अगर उपयोगकर्ता ऐसे लिंक पर क्लिक करते हैं, तो उनके व्यक्तिगत या बैंकिंग विवरण से समझौता हो सकता है, जिससे वित्तीय नुकसान हो सकता है।’
अधिकारी ने कहा कि एलपीजी की कमी की अफवाहों का इस्तेमाल साइबर जालसाज लोगों को लुभाने के लिए कर रहे हैं। अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
उन्होंने बताया कि ठग गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि बनकर भी लोगों को फोन कर सकते हैं और दावा कर सकते हैं कि सिलेंडर प्राप्त करने के लिए तत्काल सत्यापन या पंजीकरण आवश्यक है। इसके बाद पीड़ितों को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या फाइलें डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
पुलिस ने विशेष रूप से लोगों को ‘.एपीके’ एक्सटेंशन वाली फाइलों को खोलने या डाउनलोड करने से मना किया है, क्योंकि ये ‘एंड्रॉइड एप्लिकेशन पैकेज’ फाइलें हैं जो मोबाइल फोन पर दुर्भावनापूर्ण ‘एप्लिकेशन इंस्टॉल’ कर सकती हैं।
पुलिस के अनुसार, इस तरह की फाइलें डिवाइस को असुरक्षित बना सकती हैं और साइबर अपराधियों को बैंकिंग विवरण, पासवर्ड और ओटीपी सहित संवेदनशील जानकारी तक पहुंच प्राप्त करने की अनुमति दे सकती हैं, जिससे अंततः वे खातों से पैसे निकाल सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेशों की सूचना तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाने को देने की सलाह दी है।
भाषा तान्या दिलीप
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