दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट को लेकर प्राथमिकी दर्ज की

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दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट को लेकर प्राथमिकी दर्ज की

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 03:27 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक पोस्ट डालने के आरोप में कई सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) से इन अकाउंट के बारे में पूरी जानकारी मांगी है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी विशेष प्रकोष्ठ की ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) इकाई द्वारा एक शिकायत के बाद दर्ज की गई है और इसने ‘एक्स’ को नोटिस भी जारी किया। साथ ही चिन्हित पोस्ट को हटाने या उन तक पहुंच को रोकने व जांच के लिए सभी संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित करने का निर्देश दिया है।

‘एक्स को निर्देश दिया गया है कि वह नोटिस मिलने के तीन घंटे के भीतर इस सामग्री को हटाने या उस तक पहुंच बंद करे। साथ ही जांच के लिए संबंधित सभी डेटा, लॉग और अकाउंट से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखने को भी कहा गया है।

सात से आठ अकाउंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) (आपराधिक धमकी), 353(2) (झूठी जानकारी, अफवाहें, या चिंताजनक खबरें प्रसारित करना) और 356(2) (किसी व्यक्ति को बदनाम करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया मंच पर प्रसारित की जा रही है जिसके बाद यह प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जांच के दायरे में आए कुछ सोशल मीडिया पोस्ट कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के हालिया ‘संसद चलो’ विरोध प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद अपलोड किए गए थे, जिसमें लोगों ने प्रधानमंत्री और सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।

सूत्र ने बताया कि आईएफएसओ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रासंगिक प्रावधान के तहत ‘एक्स’ को जारी नोटिस में अकाउंट की पूरी जानकारी मांगी गई है, जिसमें नाम, पते, संपर्क विवरण, ईमेल आईडी और लॉगिन व लॉगआउट रिकॉर्ड शामिल हैं।

नोटिस के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ‘एक्स’ पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को निशाना बनाते हुए ‘अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और मानहानि करने वाली’ सामग्री को प्रसारित किया गया। सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता इस बात की छानबीन कर रहे हैं कि क्या इन पोस्ट को लेकर भारतीय न्याय संहिता और कानून के अन्य प्रावधानों के तहत अपराध बनता है।

इसी के साथ आईएफएसओ ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत “गैरकानूनी सूचना तक पहुंच रोकने के लिए मध्यस्थ” को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में ‘एक्स’ को चिन्हित किए गए कई यूआरएल तक पहुंच तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस के अनुसार, यह कार्रवाई आपत्तिजनक सामग्री को मंच से हटाने के उद्देश्य से की गई है।

नोटिस में कहा गया है कि मंच पर मौजूद इस सामग्री में कथित तौर पर झूठी, छेड़छाड़ की गई और आपत्तिजनक जानकारी शामिल है, जिसका मकसद सार्वजनिक जीवन से जुड़ी हस्तियों की छवि धूमिल करना है।

सूत्रों ने कहा कि एक नोटिस में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी का भी जिक्र है। इसमें आरोप लगाया गया है कि सामग्री के प्रसार से प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा, गरिमा और सार्वजनिक छवि को गंभीर नुकसान हुआ है और इससे लोक व्यवस्था बाधित होने और अनावश्यक रूप से विवाद बढ़ने का अंदेशा था।

पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्य और सोशल मीडिया मंच से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश