हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद दिल्ली पुलिस का एएसआई निलंबित

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हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के बाद दिल्ली पुलिस का एएसआई निलंबित

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  • Publish Date - October 25, 2020 / 11:20 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:02 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अक्टूबर (भाषा) दक्षिण दिल्ली में रविवार सुबह 45 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक की पुलिस हिरासत में मौत के बाद दिल्ली पुलिस के एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को निलंबित कर दिया गया और दो कांस्टेबलों को जिला लाइन भेज दिया गया।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

नजफगढ़ के रहने वाले धर्मबीर के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि हिरासत में बर्बरतापूर्वक मारपीट के कारण उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, लोधी कॉलोनी थाने में बृहस्पतिवार को कार चोरी का एक मामला दर्ज किया गया था। कार लोधी कॉलोनी से चोरी हुयी थी और इसकी जांच का जिम्मा एएसआई विजय को सौंपा गया था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता लगा कि आरोपी एक ऑटो-रिक्शा से आए थे। पीड़ित का पुत्र उस ऑटो-रिक्शा का पंजीकृत मालिक है। धर्मबीर ने ऑटो किराए पर दिया था।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने कहा कि धर्मबीर को जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था। धर्मबीर के खुलासे के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनमें से एक सतीश घटना के समय ऑटो चला रहा था। दूसरे व्यक्ति का नाम घेवर राम चौधरी है।

उन्होंने कहा कि धर्मबीर की भूमिका की जांच की जा रही थी। एएसआई विजय उनसे लोधी कॉलोनी थाने में पहली मंजिल पर एक कमरे में पूछताछ कर रहे थे।

ठाकुर के अनुसार बाद में एएसआई शौचालय गए और धर्मबीर को कमरे में छोड़ दिया। जब वह वापस लौटे तो वहां धर्मबीर नहीं मिला। उन्होंने पाया कि धर्मबीर थाना परिसर में जमीन पर पड़ा था।

पुलिस ने बताया कि धर्मबीर को तुरंत एम्स अस्पताल ले जाया गया जहां ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान धर्मबीर की मौत हो गयी। इसके बाद धर्मबीर के परिवार को यह जानकारी दी गयी।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘आगे की कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट को सूचित किया गया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और एएसआई विजय को निलंबित कर दिया गया है।’ इसके अलावा दो कांस्टेबलों – राजेंद्र और संदीप को जिला लाइन भेज दिया गया है।

धर्मबीर के पुत्र सौरव कुमार (24) ने पीटीआई-भाषा से कहा पुलिस ने उनके पिता से 50,000 रुपये की मांग की थी।

कुमार ने कहा कि शनिवार को दो कॉन्स्टेबल-संदीप और राजेंद्र उनके घर आए और पिता को एक ऑटो-रिक्शा की तस्वीर दिखाई। उनके पिता ने उन्हें बताया कि ऑटो उनका ही है।

कुमार ने कहा, ‘मेरे पिता उनके साथ थाने गए। बाद में उनका फोन स्विच ऑफ हो गया और हमारा उनसे कोई संवाद नहीं हो सका।’’

भाषा अविनाश दिलीप

दिलीप