दिल्ली दंगे की आरोपी देवांगना कालिता की वीडियो, व्हाट्सऐप चैट के अनुरोध वाली याचिका खारिज

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दिल्ली दंगे की आरोपी देवांगना कालिता की वीडियो, व्हाट्सऐप चैट के अनुरोध वाली याचिका खारिज

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 02:41 PM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 02:41 PM IST

नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगा मामले की आरोपी देवांगना कालिता की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया जिसमें पुलिस को सीएए (संशोधित नागरिकता अधिनियम) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) के खिलाफ 2020 के प्रदर्शनों के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित दो मामलों में कुछ वीडियो और व्हाट्सऐप चैट उपलब्ध कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने अदालत के उस अंतरिम आदेश को भी जारी रखने से इनकार कर दिया जिसमें अधीनस्थ अदालत को अशांति के पीछे कथित बड़ी साजिश से संबंधित मामले में आरोप तय करने पर अंतिम आदेश पारित नहीं करने के लिए कहा गया था।

कालिता के वकील ने न्यायाधीश से अनुरोध किया कि वे फिलहाल स्थगन आदेश को जारी रखें क्योंकि वह उच्चतम न्यायालय में अपील करेंगी। न्यायमूर्ति कृष्णा ने जवाब दिया, ‘‘मैं ऐसा नहीं कर पाऊंगी।’’

हालांकि, अदालत ने कालिता की एक अलग याचिका स्वीकार कर ली और उन्हें षड्यंत्र के बड़े मामले में उन दस्तावेजों के निरीक्षण की अनुमति दी जिनका अभियोजन पक्ष ने इस्तेमाल नहीं किया था।

कालिता ने 2023 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया था कि दिल्ली पुलिस ने फरवरी 2020 में सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों को रिकॉर्ड करने के लिए कुछ व्यक्तियों को नियुक्त किया था और आरोप तय करने पर सुनवाई शुरू होने से पहले यह फुटेज उन्हें उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने दलील दी कि फुटेज से यह साबित होगा कि वह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रही थीं।

वीडियो फुटेज के अलावा उन्होंने एक ग्रुप की ‘‘पूरी व्हाट्सऐप चैट’’ भी मांगी थी जिसके बारे में उन्होंने आरोप लगाया कि इसके ‘‘चुनिंदा अंशों’’ का कथित तौर पर उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा था।

छात्र कार्यकर्ता कालिता, नताशा नरवाल, जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी की सदस्य सफूरा जरगर, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और कई अन्य लोगों के खिलाफ भी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के संबंध में विभिन्न प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव