नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में पांच आरोपियों को जमानत दिए जाने के कुछ दिनों बाद, एक अन्य आरोपी अतहर खान ने यहां की एक अदालत में जमानत याचिका दायर की।
खान ने याचिका में दलील दी है कि उस पर भी इसी तरह के आरोप हैं और उसे भी समानता के आधार पर राहत दी जाए।
अतहर खान कॉल सेंटर का पूर्व कर्मचारी है और उस पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग में हुए विरोध प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों में से एक होने और वहां भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी की अदालत में दायर याचिका में दलील दी गई है कि शीर्ष न्यायालय ने इसी तरह के आरोपों का सामना कर रहे अन्य आरोपियों को जमानत दी है और उसके खिलाफ दायर मामला भी उसी तरह का है।
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के अनुसार, खान ने कथित तौर पर गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया, जिसमें उसने कथित तौर पर कहा था कि ‘‘दिल्ली को जलाने का समय आ गया है’’ और सीसीटीवी कैमरों को नष्ट करने में समन्वय किया।
अदालत ने नागरिकता संशोधन अधिनयम (सीएए)/ राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में सभा करने के 11 कथित आयोजकों और वक्ताओं में शामिल अतहर खान के खिलाफ आपराधिक साजिश समेत कई आरोप तय किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, अन्य कथित आयोजक मोहम्मद सलीम खान, सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन उर्फ गुड्डू भाई, शाहनवाज, फुरकान, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद यूनुस, तबस्सुम, मोहम्मद अयाज और उनके भाई खालिद हैं।
दंगों के दौरान दिल्ली पुलिस के हवलदार रतन लाल की हत्या करने वाली भीड़ का हिस्सा होने के आरोप में भी अतहर खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक दुकान में लूटपाट करने वाली भीड़ से जुड़े मामले में भी खान का नाम सामने आया था।
अदालत ने खान की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तारीख तय की है।
एक अन्य आरोपी सलीम मलिक भी इसी तरह के आरोपों में जेल में बंद है। उसने भी छह जनवरी को इसी तरह की दलीलें देते हुए जमानत देने की गुहार लगाई थी।
उच्चतम न्यायालय ने पांच जनवरी को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में कैद पांच आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी थी।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत देने से इनकार कर दिया था।
भाषा धीरज सुभाष
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