नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) सभी केंद्र शासित प्रदेशों में 2024 में सबसे ज्यादा कीमत का सामान दिल्ली में चोरी हुआ। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले वर्ष की तुलना में इसकी बरामदगी दर में मामूली सुधार देखा गया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
एनसीआरबी की ‘भारत में अपराध 2024’ रिपोर्ट से पता चलता है कि दिल्ली में 2024 में 671.4 करोड़ रुपये का सामान चोरी होने की सूचना मिली थी, जबकि 105 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया गया यानी बरामदगी दर 15.6 प्रतिशत रही।
वर्ष 2023 में, राष्ट्रीय राजधानी में 688.6 करोड़ रुपये का सामान चोरी होने की सूचना मिली थी, जिसमें से 99.7 करोड़ रुपये का माल बरामद किया गया और बरामदगी दर 14.5 प्रतिशत रही थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों में, 2024 में चोरी हुए सामान के कुल मूल्य के साथ-साथ बरामदगी में भी दिल्ली की हिस्सेदारी सबसे बड़ी रही।
एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि सभी केंद्र शासित प्रदेशों में 2024 में 750.9 करोड़ रुपये का सामान चोरी होने की सूचना मिली थी, जिसमें से 130.1 करोड़ रुपये के माल की बरामदी की गई और बरामदगी दर 17.3 प्रतिशत रही।
इस श्रेणी के तहत, चोरी किए गए माल का मतलब आम तौर पर चोरी, झपटमारी, सेंधमारी, लूटपाट व डकैती के अपराधों के माध्यम से ली गई वस्तुओं से है।
इस श्रेणी में कीमती सामानों और संपत्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जिसमें मोटर वाहन, मोटरसाइकिल, स्कूटर, हल्के मोटर वाहन, तिपहिया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण , मोबाइल फोन, नकदी, आभूषण, साइकिल, मवेशी और कई अन्य विविध वस्तुएं शामिल हैं।
भाषा नोमान नोमान माधव
माधव