नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) दिल्ली में पिछले चार वर्षों की तुलना में 2024 में सड़क हादसों के कारण अधिक मौतें हुईं। यह जानकारी दिल्ली सांख्यिकी पुस्तिका 2025 से मिली।
आठ जनवरी को जारी पुस्तिका के आंकड़ों से पता चला कि 2023 की तुलना में कुल दुर्घटनाओं की संख्या में गिरावट के बावजूद मौतों में वृद्धि हुई है। यह दुर्घटनाओं की गंभीरता में चिंताजनक बढ़ोतरी को दर्शाता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024 में सड़क हादसों में 1,551 लोगों की मौत हुई, जो 2020-2024 की अवधि में सबसे अधिक है। हालांकि दुर्घटनाओं की संख्या 2023 के 5,715 से घटकर 2024 में 5,573 रही।
वर्ष वार तुलना से पता चलता है कि दिल्ली में सड़क हादसों में 2020 से सामान्य रूप से वृद्धि देखी गई है, जब 4,178 हादसे दर्ज किए गए थे। यह संख्या 2021 में बढ़कर 4,720 हुई और 2022 में तेजी से बढ़कर 5,560 हो गई, इसके बाद 2023 में 5,715 पर पहुंची और 2024 में थोड़ी कमी के साथ 5,573 रही।
मृत्युदर 2023 में मामूली गिरावट को छोड़कर पांच वर्षों में लगातार बढ़ी है। 2020 में 1,196 लोगों की मौत हुई थी जो 2021 में बढ़कर 1,239 और 2022 में 1,461 हो गई। यह संख्या 2023 में थोड़ी घटकर 1,457 रही, लेकिन 2024 में फिर बढ़कर 1,551 हो गई।
सड़क हादसों में घायल लोगों की संख्या भी इसी तरह बढ़ी। 2020 में 3,446 लोग घायल हुए थे जो 2021 में बढ़कर 3,968 और 2022 में 4,713 हो गए। यह संख्या 2023 में चरम पर पहुंचकर 4,892 हो गई। 2024 में यह घटकर 4,718 रही।
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश