नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) दिल्ली के सेवा मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि सेवा विभाग या मुख्य सचिव उनकी मंजूरी के बिना कर्मचारियों से संबंधित कोई भी आदेश पारित नहीं करेंगे।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली सरकार और नौकरशाहों में बढ़ती कलह के बीच आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1989 बैच के अधिकारी पी.के. गुप्ता को दिल्ली का नया मुख्य सचिव नियुक्त करने के लिए केंद्र की मंजूरी मांगी है।
गुप्ता अभी दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली के वर्तमान मुख्य सचिव नरेश कुमार इस साल के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
भारद्वाज ने अपने हस्ताक्षर वाले एक आदेश में कहा, ‘‘पूर्व के सभी आदेशों को दरकिनार करते हुए, यह निर्देश दिया जाता है कि कर्मचारियों की किसी भी श्रेणी के लिए कोई भी आदेश अधोहस्ताक्षरी के अनुमोदन के बिना मुख्य सचिव या सचिव (सेवा) या सेवा विभाग द्वारा पारित नहीं किया जाएगा।’’
भाषा शफीक अविनाश
अविनाश