नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के रूप में पेश किया और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बैंकों से ऋण प्राप्त किए।
एक वित्तीय कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई गई शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। प्राथमिकी दो सितंबर, 2022 को अपराध शाखा पुलिस थाने में दर्ज की गई थी।
पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) हर्ष इंदौरा ने कहा, ‘‘जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपियों ने ऋण के लिए आवेदन करते समय जाली सरकारी कर्मचारी पहचान पत्र और फर्जी वेतन दस्तावेज जमा किए थे।’’
अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपी पूर्व में बैंकिंग क्षेत्र में जुड़े रहे थे। 10वीं कक्षा तक पढ़े अतुल अग्रवाल ने मनीष कुमार बनकर ऋण लिया। आठवीं कक्षा तक पढ़े अजय चौरसिया ने फर्जी बैंक खातों का प्रबंधन किया जबकि स्नातक तक पढ़े दीपक ढौंडियाल ने भी अपराध को अंजाम देने में अपने बैंकिंग अनुभव का इस्तेमाल किया।
भाषा शफीक माधव
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