दिल्ली: भारत मंडपम, शीर्ष अदालत के बाहर चोरी के आरोप में ‘ठक-ठक’ गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली: भारत मंडपम, शीर्ष अदालत के बाहर चोरी के आरोप में ‘ठक-ठक’ गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली: भारत मंडपम, शीर्ष अदालत के बाहर चोरी के आरोप में ‘ठक-ठक’ गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
Modified Date: October 23, 2025 / 10:20 pm IST
Published Date: October 23, 2025 10:20 pm IST

नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम और उच्चतम न्यायालय तथा राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में खड़ी कारों से कथित तौर पर लैपटॉप और कीमती सामान चुराने वाले ‘ठक-ठक’ गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यहां यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान गोविंदपुरी निवासी दीपक उर्फ ​​निखिल (25) तथा उसके साथियों, दिनेश उर्फ ​​बबलू (36) तथा नौशाद (29), के रूप में हुई है।

पुलिस को 15 अक्टूबर को सूचना मिली कि ठक-ठक गिरोह और चोरी के कई मामलों में शामिल आदतन अपराधी दीपक यहां गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के डीडीए पार्क के पास अपने साथियों से मिलने वाला है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) हेमंत तिवारी ने एक बयान में बताया कि कथित तौर पर चोरी का इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने की कोशिश करते समय दीपक, बबलू और नौशाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तथा उनके पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल, एक आईपैड और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल गोविंदपुरी इलाके से चुराई गई थी, जबकि मोबाइल फोन ओखला और सरिता विहार में दर्ज मामलों से जुड़े थे।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान, दीपक ने खुलासा किया कि वह ज़ाकिर नाम के एक साथी के साथ चोरी की मोटरसाइकिलों पर घूमता था और खड़ी कारों को निशाना बनाता था। वे कारों के शीशे तोड़ते, लैपटॉप या कीमती सामान से भरे बैग चुराते और बाद में नेहरू प्लेस में बबलू के ज़रिये नौशाद को इलेक्ट्रॉनिक सामान बेच देते थे।

लगातार पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और नेहरू प्लेस स्थित नौशाद की लैपटॉप मरम्मत की दुकान पर छापा मारा, जहां से चोरी के 25 लैपटॉप बरामद किए गए।

पुलिस ने बताया कि दीपक ने भारत मंडपम और उच्चतम न्यायालय के बाहर खड़ी कारों के शीशे तोड़कर लैपटॉप चुराने की बात भी कबूल की और चोरी के सामान को उसने बाद में जितेंद्र उर्फ ​​गौतम नाम के एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया।

भाषा यासिर सुरेश

सुरेश


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