नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) दिल्ली यातायात पुलिस ने व्यावसायिक वाहनों द्वारा फर्जी और जाली ‘नो-एंट्री परमिट’ (एनईपी) के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और दो मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ऐसे परमिट जारी करने में शामिल गिरोहों का पता लगाया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) विजयंता गोयल आर्य ने बताया, ‘सतर्क यातायात कर्मियों ने फर्जी परमिटों के साथ चल रहे वाहनों को रोका, जो कथित तौर पर अनधिकृत एजेंटों के माध्यम से प्राप्त किए गए थे। इस बाबत गोकुलपुरी और वज़ीराबाद थानों में प्राथमिकियां दर्ज की गईं।”
एक बयान के अनुसार, पिछले पखवाड़े में पूर्वी और मध्य दिल्ली के यातायात क्षेत्रों में जाली एनईपी के दो मामले सामने आए हैं।
आर्य ने बताया कि अधिकारियों ने इन वाहनों को जब्त कर लिया है और नकली परमिट और स्टिकर तैयार करने और वितरित करने में लगे गिरोह की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है।
आर्य ने बताया कि यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एनईपी उन वाहनों के लिए जारी किए जाते हैं जो दूध, फल, सब्जियां, अनाज, मांस और चिकित्सा आपूर्ति जैसी आवश्यक वस्तुओं का परिवहन करते हैं, साथ ही साथ ईंधन वितरण और डीडीए, पीडब्ल्यूडी, डीएमआरसी, बिजली और दूरसंचार संचालन समेत सार्वजनिक सेवाओं में लगे वाहनों के लिए भी यह परमिट जारी किए जाते हैं।
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