दिल्ली : न्यायाधिकरण ने सड़क हादसे में अशक्त हुए व्यक्ति को 29.74 लाख रुपये का हर्जाना दिलाया

दिल्ली : न्यायाधिकरण ने सड़क हादसे में अशक्त हुए व्यक्ति को 29.74 लाख रुपये का हर्जाना दिलाया

दिल्ली : न्यायाधिकरण ने सड़क हादसे में अशक्त हुए व्यक्ति को 29.74 लाख रुपये का हर्जाना दिलाया
Modified Date: June 30, 2026 / 06:41 pm IST
Published Date: June 30, 2026 6:41 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 2024 में राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिणी हिस्से में तेजी और लापरवाही से चलाई जा रही एक लग्जरी कार की टक्कर में स्थायी रूप से 66 प्रतिशत अशक्त हुए एक प्रापर्टी डीलर को करीब 29.74 लाख हर्जाना देने का आदेश दिया है।

पीठासीन अधिकारी अदिति गर्ग ने दीपक गुप्ता (38) की ओर से दायर एक दावा याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। गुप्ता हादसे के समय स्कूटर पर सवार थे और उन्हें एक एसयूवी ने टक्कर मार दी थी जिससे वह स्थायी रूप से अशक्त हो गए थे। हादसे के बाद एसयूवी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया था।

न्यायाधिकरण ने 23 जून को जारी आदेश में कहा, ‘‘ रिकॉर्ड में मौजूद तथ्यों से प्रथम दृष्टया यह साबित होता है कि संबंधित दुर्घटना प्रतिवादी संख्या-1 (सुनीत कालरा) द्वारा वाहन को लापरवाही और तेज़ी से चलाने के कारण हुई थी।’’

न्यायाधिकरण के मुताबिक तीन नवंबर 2024 को दीपक गुप्ता मंदाकिनी एन्क्लेव में अपना स्कूटर चला रहे थे, तभी सुनीत कालरा द्वारा कथित तौर पर तेज़ी और लापरवाही से चलाई जा रही एक मर्सिडीज एसयूवी ने उन्हें बाईं ओर से ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान टक्कर मार दी।

हादसे के बाद एसयूवी की आगे की नंबर प्लेट गिर गई थी, और सीसीटीवी फुटेज से भी वाहन की हादसे में संलिप्तता साबित हुई। बाद में चालक ने पुलिस के समक्ष दिये बयान में स्वीकार किया कि वह वाहन चला रहा था।

गुप्ता की हादसे में कई हड्डियां टूट गई। न्यायाधिकरण ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीड़ित को अलग-अलग मदों में 29.74 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

न्यायाधिकरण ने कहा कि दुर्घटना के समय वाहन का बीमा था और इसलिए बीमा कंपनी को मुआवजे की रकम जमा कराने का निर्देश दिया जाता है।

भाषा

धीरज अविनाश

अविनाश


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