दिल्ली न्यायाधिकरण ने दुर्घटना में घायल छात्र को 25.21 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया

Ads

दिल्ली न्यायाधिकरण ने दुर्घटना में घायल छात्र को 25.21 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया

  •  
  • Publish Date - August 24, 2026 / 05:39 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 05:39 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 2024 में ट्रैक्टर की चपेट में आने से घायल हुए 18 वर्षीय छात्र को 25.21 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसे में छात्र के दाहिने पैर के निचले हिस्से में 23 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हो गई थी।

शिवम की ओर से दायर मुआवजा याचिका पर पीठासीन अधिकारी विक्रम सुनवाई कर रहे थे। शिवम सात जून 2024 को अपने चाचा के साथ ट्यूशन से घर लौट रहा था, तभी एक ट्रैक्टर ने पीछे से उसे टक्कर मार दी।

न्यायाधिकरण ने वाहन चालक और मालिक को निर्देश दिया कि वे 30 दिनों के भीतर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजे की राशि जमा करें।

ब्याज की गणना 8 जुलाई, 2024 से की जाएगी। राशि जमा करने में देरी होने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। 20 अगस्त को पारित आदेश में न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि दुर्घटना करने वाले वाहन के चालक की लापरवाही और तेज गति इसके लिए जिम्मेदार थी और वह न केवल इस दुर्घटना, बल्कि उसके बाद हुई हर घटना के लिए भी जिम्मेदार था।’’

अभियोजन के अनुसार, हादसे के बाद शिवम को श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट ले जाया गया, जहां उसके दाहिने पैर का पंजा बुरी तरह कुचला हुआ पाया गया। उसे कई फ्रैक्चर और हड्डी खिसकने की समस्या हुयी थी। बाद में उसके दाहिने पैर के निचले हिस्से में 23 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हो गई।

न्यायाधिकरण ने यह भी पाया कि ट्रैक्टर का बीमा कृषि कार्यों के लिए जारी पॉलिसी के तहत था, लेकिन दुर्घटना के समय उसे दिल्ली जल बोर्ड के नाम वाले एक सुरक्षा टैंकर से जोड़ा गया था।

न्यायाधिकरण ने कहा कि ट्रैक्टर का इस्तेमाल वाणिज्यिक या नगर निकाय से जुड़े कार्यों के लिए किया जा रहा था, जो बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन था।

न्यायाधिकरण ने कुल मुआवजे की राशि 27.21 लाख रुपये आंकी, लेकिन आदेश में दिए गए अंतरिम मुआवजे और ब्याज को समायोजित करने के बाद याचिकाकर्ता को 25.21 लाख रुपये का हकदार माना।

मुआवजे में चिकित्सा खर्च, दर्द और मानसिक पीड़ा, भविष्य में आय के नुकसान, विशेष आहार, सहायक और आने-जाने के खर्च, पढ़ाई और जीवन की सुविधाओं के नुकसान, माता-पिता की मानसिक पीड़ा तथा विवाह की संभावनाओं में कमी के लिए मुआवजा शामिल है।

न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि पांच लाख रुपये और उस पर अर्जित ब्याज शिवम को जारी किया जाए, जबकि शेष राशि को सावधि जमा (एफडी) में रखा जाए और उसे समय-समय पर शिवम को जारी किया जाए।

भाषा रंजन मनीषा

मनीषा