यमुना बाढ़ क्षेत्र की सीमांकन प्रक्रिया रुकी

यमुना बाढ़ क्षेत्र की सीमांकन प्रक्रिया रुकी

यमुना बाढ़ क्षेत्र की सीमांकन प्रक्रिया रुकी
Modified Date: July 20, 2026 / 07:52 pm IST
Published Date: July 20, 2026 7:52 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सीमांकन की प्रक्रिया रोके जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दिल्ली के प्रधान सचिव (पर्यावरण) को डीडीए तथा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (आईएफसी)विभाग के बीच इस मामले को सुलझाने का निर्देश दिया है।

एनजीटी ने इससे पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से प्रगति रिपोर्ट मांगी थी।

न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ द्वारा 16 जुलाई को दिये गए आदेश में कहा गया कि डीडीए की रिपोर्ट के अनुसार,आईएफसी विभाग ने छह जून के एक पत्र में भौतिक सीमांकन के लिए एक संशोधित नक्शा उपलब्ध कराया था।

सोमवार को उपलब्ध 16 जुलाई के आदेश में पीठ ने कहा कि डीडीए के अनुसार, उस सूचना के मिलने की तारीख तक 277 निशान स्तंभों (बोलार्ड) में से 206लगा दिए गए थे, लेकिन पत्र मिलने के बाद प्राधिकरण ने सीमांकन का काम आगे नहीं बढ़ाया।

पीठ ने डीडीए द्वारा बताए गए इस तथ्य पर संज्ञान लिया कि संशोधित नक्शे पर कार्रवाई करने की स्थिति में निशान स्तंभ फिर से लगाने पड़ सकते हैं।

एनजीटी ने इसपर नाखुशी जताते हुए कहा कि दिल्ली में यमुना नदी के बाढ़ के मैदान की सीमा तय करने का काम ‘गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016’ के तहत किया जाना चाहिए।

एनजीटी ने कहा कि सीमांकन के पैमाने जैसे कि 1:100 साल के बाढ़ के स्तर के साथ एक-मीटर का सम्मोच्च तय किया गया था। अगर उन पैमानों के आधार पर सीमांकन काम शुरू हो गया था, तो आईएफसी विभाग को यह बताना होगा कि ‘‘उस प्रक्रिया के बीच में ही एक संशोधित नक्शा क्यों भेजा गया’’।

अधिकरण ने कहा, ‘‘क्योंकि उस पत्र की वजह से बाढ़ के मैदान की सीमा तय करने का पूरा काम रुका हुआ है, इसलिए हम चाहते हैं कि पर्यावरण विभाग (दिल्ली सरकार) के प्रधान सचिव, डीडीए और आईएफसी विभाग के अधिकारियों के साथ एक हफ्ते के भीतर संयुक्त बैठक करें।’’

एनजीटी ने आईएफसी विभाग को एक हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि चल रही प्रक्रिया के बीच संशोधित नक्शा क्यों भेजा गया।

पीठ ने डीडीए को निर्देश दिया कि वह सुनवाई की अगली तारीख (18 सितंबर) से कम से कम एक हफ्ते पहले प्रगति रिपोर्ट दाखिल करे।

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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