UPI Transaction Charges: बदल गया UPI पेमेंट का नियम! क्या अब हर ट्रांजैक्शन पर यूजर्स को देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज? सरकार ने बताया पूरा सच

UPI Transaction Charges: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने UPI चार्ज को लेकर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने बताया है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ता। बल्कि यह व्यापारियों से जुड़ा शुल्क होता है यानी आम यूजर्स को UPI पेमेंट के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं देने होंगे।

UPI Transaction Charges: बदल गया UPI पेमेंट का नियम! क्या अब हर ट्रांजैक्शन पर यूजर्स को देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज? सरकार ने बताया पूरा सच

(UPI Transaction Charges/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: August 7, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: August 7, 2026 12:53 pm IST
HIGHLIGHTS
  • UPI पेमेंट पर ग्राहकों से चार्ज नहीं।
  • MDR शुल्क व्यापारियों से जुड़ा होता है।
  • UPI चार्ज पर अभी अंतिम फैसला नहीं।

नई दिल्ली: UPI Transaction Charges: देश में UPI के जरिए हर दिन करोड़ों लोग डिजिटल पेमेंट (UPI Transaction Charges) करते हैं। हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थी कि अब UPI से भुगतान करने पर ग्राहकों को भी अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इस मामले पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR ग्राहकों पर लागू नहीं होता। उन्होंने बताया कि UPI इस्तेमाल करने वाले आम लोगों को पेमेंट के लिए MDR शुल्क नहीं देना पड़ता है।

MDR क्या है और किससे लिया जाता है ये शुल्क?

MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट एक ऐसा शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट (UPI Transaction Charges) स्वीकार करने वाले व्यापारियों से लिया जाता है। यह शुल्क बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और अन्य डिजिटल भुगतान संस्थानों के बीच बांटा जाता है। इसका इस्तेमाल डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने, नई तकनीक विकसित करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में किया जाता है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि MDR का सीधा संबंध ग्राहकों से नहीं है।

UPI शुल्क पर अभी नहीं हुआ अंतिम फैसला

वित्त मंत्री ने बताया कि UPI और डिजिटल पेमेंट सेवाओं में MDR को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस पर फैसला नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल UPI पेमेंट करने वाले आम यूजर्स के लिए कोई नया चार्ज लागू नहीं किया गया है।

सरकार के नए विधेयक का क्या मतलब है?

सरकार ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill 2026 को मंजूरी दी है। इसके जरिए Payment and Settlement Systems Act 2007 में बदलाव का प्रावधान किया गया है। इस संशोधन से केंद्र सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों पर शुल्क से जुड़े नियम तय कर सके। हालांकि, यह बिल किसी नए शुल्क की घोषणा नहीं करता है और न ही UPI पर MDR लागू करता है।

UPI यूजर्स को अभी चिंता करने की जरूरत नहीं

UPI ग्राहकों के लिए फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि MDR व्यापारियों से जुड़ा मामला है और इसका मकसद डिजिटल भुगतान (UPI Transaction Charges) व्यवस्था को मजबूत बनाना है। सरकार की ओर से अगर भविष्य में कोई नया नियम लागू किया जाता है तो उसकी जानकारी आधिकारिक घोषणा के जरिए दी जाएगी। तब तक यूजर्स पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के UPI पेमेंट कर सकते हैं।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।