राज्यसभा में उठी न्यायपालिका के वेतन और सेवा शर्तों की समीक्षा की मांग

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राज्यसभा में उठी न्यायपालिका के वेतन और सेवा शर्तों की समीक्षा की मांग

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 10:47 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 10:47 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को एक सांसद ने भारतीय न्यायपालिका के वेतन और सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि न्यायाधीशों को कई प्रमुख वैश्विक लोकतंत्रों में उनके समकक्षों की तुलना में कम वेतन मिलता है।

उच्च सदन में निर्दलीय सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने यह मुद्दा विशेष उल्लेख के जरिए उठाते हुए कहा कि न्यायपालिका के वेतन ढांचे पर इस तरह से काम करने की आवश्यकता है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय मानकों और संस्था की प्रतिष्ठा, दोनों को प्रतिबिंबित करे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धी और सम्मानजनक वेतन आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इससे बार के सबसे योग्य सदस्यों को आकर्षित करने और उन्हें न्यायाधीशों के पद पर बनाए रखने की भारत की क्षमता और मजबूत होगी।

शर्मा ने भारतीय न्यायपालिका के वेतन और सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा की मांग की।

उन्होंने कहा कि न्यायाधीश संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, मौलिक अधिकारों की सुरक्षा और कानून के शासन को सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वेतन ढांचा न तो इन जिम्मेदारियों के महत्व को पर्याप्त रूप से दिखा पाता है और न ही यह भारत के संवैधानिक ढांचे के भीतर इसी तरह की अन्य भूमिकाओं (के वेतन और सेवा शर्तों) के अनुरूप हैं।

भाषा शुभम रंजन

रंजन