जौहर विवि भवनों के ध्वस्तीकरण से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा, सरकार पुनर्विचार करे: मदनी

जौहर विवि भवनों के ध्वस्तीकरण से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा, सरकार पुनर्विचार करे: मदनी

जौहर विवि भवनों के ध्वस्तीकरण से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा, सरकार पुनर्विचार करे: मदनी
Modified Date: July 20, 2026 / 08:35 pm IST
Published Date: July 20, 2026 8:35 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) जमीयत उलेमा-ए-हिन्द (एमएम) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त किए जाने संबंधी आदेश पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि इस कार्रवाई से हज़ारों छात्रों के शैक्षिक भविष्य, उनके मौलिक अधिकारों तथा देश की शैक्षिक एवं बौद्धिक पूंजी को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।

संगठन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मदनी ने कहा कि यह मामला कानून के शासन, प्राकृतिक न्याय और संवैधानिक दायित्व से सीधे जुड़ा है।

राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने कहा कि यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन सिद्ध भी हो जाए, तब भी ध्वस्तीकरण हमेशा एकमात्र या अनिवार्य विकल्प नहीं होता है।

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) स्वयं इस बात का समर्थन करती है कि प्रत्येक मामले में ध्वस्तीकरण आवश्यक नहीं है। यदि कोई भवन मूल भूमि उपयोग अथवा मास्टर प्लान के प्रतिकूल नहीं है, तो विकास प्राधिकरण संशोधित नक्शे की स्वीकृति, नियमितीकरण, विकास शुल्क, आर्थिक दंड के माध्यम से मामले का विधिसम्मत समाधान कर सकता है।”

मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की गुजारिश करते हुए कहा कि देश के विभिन्न विकास प्राधिकरण वर्षों से इस तरह के मामलों में वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाते रहे हैं और किसी भी शैक्षणिक संस्थान के मामले में ध्वस्तीकरण से पहले इन सभी विकल्पों पर गंभीरतापूर्वक विचार करना न्याय, कानून और जनहित की मूल आवश्यकता है।

बयान के मुताबिक, मदनी ने कई न्यायिक मिसालों का भी हवाला दिया, जिनमें कानपुर के रूमा औद्योगिक क्षेत्र में एक इंजीनियरिंग कॉलेज और वाराणसी, झांसी और इलाहाबाद विकास प्राधिकरणों से जुड़े मामले शामिल हैं। इनमें अदालतों ने तत्काल विध्वंस के बजाय नियमितीकरण, जुर्माना और अन्य वैधानिक सुधारात्मक उपायों का समर्थन किया था।

मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि वह इस संवेदनशील मामले में अपने संवैधानिक दायित्व और कानूनी विवेक का परिचय दे ताकि एक ओर कानून का पालन सुनिश्चित हो और दूसरी ओर हज़ारों छात्रों का शैक्षिक भविष्य तथा देश की यह महत्वपूर्ण शैक्षिक धरोहर सुरक्षित रह सके।

रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को यह कहते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया है कि इनका निर्माण भवन योजना की मंजूरी के बिना किया गया था।

विश्वविद्यालय ने तर्क दिया कि जब इमारतों का निर्माण किया गया था तब यह क्षेत्र आरडीए के अधिकार क्षेत्र से बाहर था, लेकिन प्राधिकरण ने इस तर्क को खारिज कर दिया।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश


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