प्रकृति के साथ सम्मानजनक संबंध विकसित करना संरक्षण का हिस्सा: भूपेंद्र यादव

प्रकृति के साथ सम्मानजनक संबंध विकसित करना संरक्षण का हिस्सा: भूपेंद्र यादव

प्रकृति के साथ सम्मानजनक संबंध विकसित करना संरक्षण का हिस्सा: भूपेंद्र यादव
Modified Date: July 29, 2026 / 02:57 pm IST
Published Date: July 29, 2026 2:57 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि संरक्षण का मतलब केवल वन्यजीवों की रक्षा करना नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ सम्मानजनक संबंध विकसित करना भी है।

मंत्री ने ‘अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस’ 2026 के अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हमें प्रकृति से प्रेरणा लेने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित जीवनशैली अपनाने की जरूरत है।’’

यादव ने कहा, ‘‘प्रकृति केवल पर्यटन या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसका सम्मान किया जाना चाहिए और लोगों को इससे शांति भी प्राप्त करनी चाहिए।’’

उन्होंने मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत में बाघों की संख्या बढ़कर 3,682 होने और बाघ अभयारण्यों की संख्या बढ़कर 58 होने का भी उल्लेख किया।

मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान हाथी अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों, संरक्षित क्षेत्रों, सामुदायिक संरक्षित क्षेत्रों और आर्द्रभूमि की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने वन अधिकारियों से आग्रह किया कि वे वन्यजीव संरक्षण के बारे में अधिक से अधिक लिखें और अपने अनुभव साझा करें।

यादव ने कहा कि इससे व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले नीतिगत समाधान तैयार करने में मदद मिल सकती है।

भाषा तान्या नेत्रपाल

नेत्रपाल


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